कभी कमिश्नर की छापेमारी तो अब थप्पड़ कांड! यहां की नगरपालिका में आखिर चल क्या रहा है? ईओ ने बैठाई जांच
रामनगर। रामनगर नगरपालिका एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। कुछ समय पहले कुमाऊं कमिश्नर की छापेमारी को लेकर चर्चा में रही नगरपालिका अब अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हुए कथित थप्पड़ कांड को लेकर सुर्खियों में है। मामला नगरपालिका के कर निरीक्षक लल्ला मियां और अकाउंटेंट संजय मिश्रा के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि दो दिन पहले किसी बात को लेकर दोनों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गई और इसी दौरान थप्पड़ मारने की घटना हुई। हालांकि, दोनों पक्षों ने घटना को लेकर अलग-अलग आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नगरपालिका कार्यालय में कर निरीक्षक लल्ला मियां और अकाउंटेंट संजय मिश्रा के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई तक की स्थिति बन गई। इस दौरान कर निरीक्षक को थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी मारपीट और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने जांच के आदेश दिए हैं। ईओ के मुताबिक, दोनों कर्मचारियों के बीच दो दिन पूर्व किसी बात को लेकर गहमागहमी हुई थी। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अकाउंटेंट संजय मिश्रा को लखनपुर स्थित नगरपालिका की लाइब्रेरी में अटैच कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, कर निरीक्षक लल्ला मियां ने फोन पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संजय मिश्रा उनके साथ काम करते हैं और उम्र में उनसे काफी बड़े हैं। उनका कहना है कि उन्हें उनकी उम्र का लिहाज रखना चाहिए था। लल्ला मियां ने कहा कि कार्यालय में आपस में मतभेद या बहस होना अलग बात है, लेकिन थप्पड़ मारना उचित नहीं है।
वहीं, अकाउंटेंट संजय मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर अलग पक्ष रखा। उनका कहना है कि कर निरीक्षक की ओर से कुछ बिलों को अधिशासी अधिकारी और नगरपालिका के आवश्यक हस्ताक्षरों के बिना पास करने के लिए कहा जा रहा था। संजय मिश्रा के मुताबिक, उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया, जिसके बाद उनके साथ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया और दोनों के बीच बहस हो गई। उन्होंने अपने साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है।
फिलहाल दोनों कर्मचारियों के आरोपों के बीच मामला जांच के दायरे में है। एक तरफ थप्पड़ मारने का आरोप है, तो दूसरी तरफ बिलों को आवश्यक हस्ताक्षरों के बिना पास कराने के दबाव और कथित मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच में घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट होने के बाद ही नगरपालिका प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामनगर नगरपालिका में सामने आए इस विवाद ने एक बार फिर कार्यालय की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

