हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़े 13 विषयों पर निर्णय लिए गए।

कैबिनेट के फैसलों में सेवामुक्त अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने, मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विस्तार, परिसंपत्तियों से होने वाली आय के बंटवारे और जन विश्वास संशोधन विधेयक को विधानसभा में पेश करने जैसे अहम प्रस्ताव शामिल हैं।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का उत्तराखंड के विकास में सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया गया। इसके साथ ही विधानसभा के तृतीय सत्र के आयोजन को लेकर भी सहमति दी गई। सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। संभावित रूप से विधानसभा सत्र 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण में आयोजित किया जा सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

धामी कैबिनेट का सबसे अहम निर्णय सेना में सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटने वाले अग्निवीरों के सेवायोजन से जुड़ा है। राज्य सरकार ने सेवामुक्त अग्निवीरों को प्रदेश की वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में अवसर देने के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को प्रख्यापित करने की मंजूरी दी है। इसके लिए वर्ष 2025 में जारी नियमावली में संशोधन किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार सेवामुक्त अग्निवीरों को गृह, वन, परिवहन, आबकारी और सचिवालय सेवा सहित संबंधित विभागों में समूह-ग के सीधी भर्ती वाले रिक्त पदों पर नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा।

प्रस्ताव के अनुसार, पात्र सेवामुक्त अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों के लिए भर्ती परीक्षा के साथ शारीरिक मानक और दक्षता परीक्षा से छूट देने का प्रावधान किया गया है। उन्हें अग्निवीर के रूप में की गई चार वर्ष की सेवा अथवा नियमानुसार कुल सेवा अवधि के बराबर आयु सीमा में छूट भी दिए जाने की बात कही गई है। इन लाभों का वास्तविक दायरा संबंधित नियमावली और भर्ती के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होगा।

राज्य सरकार ने इन विभागों में रिक्त 181 पदों की जानकारी केंद्र सरकार को भेजी है। इस फैसले से सैन्य सेवा पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को सरकारी सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार को स्वीकृति

कैबिनेट ने एक अहम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी सहमति प्रदान की है। इस योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना व धैर्यपूर्वक कार्य करने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

कैबिनेट के अन्य निर्णय

श्री मदन माहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन

उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन

उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली 2026 को स्वीकृति

उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने को स्वीकृति

संस्कृत विभाग में वित्तीय अधिकारों से सबंधित व्यवस्था में संशोधन को स्वीकृति

स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता पर मुहर

हरिद्वार के किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को स्वीकृति

द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रविधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत पांच अधिनियमों में होंगे बदलाव।

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