उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता हुए सेवानिवृत  

 रिपोर्टर : गुडडू सिंह ठठोला

 नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उच्च न्यायालय के सभी न्यायमूर्तियों के साथ रजिस्ट्रार जनरल, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश को सम्मानित कर उनके कार्यकाल और न्यायिक सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा और अब यहां से जाने का विचार भी उन्हें दुखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि नैनीताल में अधिवक्ताओं से उन्हें जो प्यार, सम्मान और स्नेह मिला है, उसकी यादें हमेशा उनके जहन में रहेंगी।

उन्होंने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं का विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि उनके लगभग नौ माह के कार्यकाल के दौरान बार की ओर से उन्हें जिस तरह का सहयोग मिला, उसे वह हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के कार्यों में बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है और उत्तराखंड हाईकोर्ट में उन्हें इसका सकारात्मक अनुभव मिला।

युवा अधिवक्ताओं को दिया धैर्य रखने का संदेश

मुख्य न्यायाधीश ने युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को सफलता के लिए बेसब्र नहीं होना चाहिए। सफलता किसी व्यक्ति की परीक्षा लेती है और सफल होने में समय लगता है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से निरंतर मेहनत, धैर्य और अपने कार्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि न्यायिक क्षेत्र में सफलता तत्काल नहीं मिलती, बल्कि अनुभव और निरंतर प्रयास के साथ व्यक्ति आगे बढ़ता है। इसलिए युवा अधिवक्ताओं को कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहना चाहिए।

न्यायाधीशों की कमी के चलते कई मुद्दे नहीं हो सके हल

मुख्य न्यायाधीश ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई ऐसे मुद्दे भी रहे जिन्हें वह चाहकर भी पूरी तरह सुलझा नहीं सके। उन्होंने इसके पीछे न्यायाधीशों की कमी को एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में न्यायाधीशों की कमी से जुड़ी समस्या का समाधान होगा और लंबित मामलों समेत अन्य न्यायिक चुनौतियों को प्रभावी तरीके से दूर किया जा सकेगा।

समारोह में मौजूद न्यायमूर्तियों, रजिस्ट्रार जनरल, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला और अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायाधीश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।

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