वन कीट विज्ञान, कीट जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी के विशेषज्ञ प्रो. आर्या ने ग्रहण किया कार्यभार, 70 से अधिक शोध पत्र और अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार हैं उनके नाम

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के डीएसबी परिसर में जंतु विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मनोज कुमार आर्या को विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। नियुक्ति के बाद प्रो. आर्या ने आज विभागाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया। वन कीट विज्ञान, कीट जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव, उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों और उल्लेखनीय शोध योगदान को देखते हुए उनकी नियुक्ति को विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उनके विभागाध्यक्ष बनने से विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों और वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रो. मनोज कुमार आर्या उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्हें अध्यापन का 18 वर्षों से अधिक और शोध कार्यों का 21 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। एफआईएईएस जैसी प्रतिष्ठित उपाधियों से सम्मानित प्रो. आर्या ने जंतु विज्ञान के क्षेत्र में अपने शोध कार्यों, वैज्ञानिक प्रकाशनों और शोधार्थियों के मार्गदर्शन के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध का प्रमुख क्षेत्र वन कीट विज्ञान, कीट जैव विविधता और पारिस्थितिकी है, जो पर्यावरण संरक्षण तथा जैव विविधता के अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

70 से अधिक शोध पत्र और 30 से अधिक पुस्तक अध्याय प्रकाशित

प्रो. आर्या की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके 70 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा विभिन्न वैज्ञानिक पुस्तकों में उनके 30 से अधिक पुस्तक अध्याय प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने तीन पुस्तकों और एक मोनोग्राफ के लेखन एवं संपादन में भी योगदान दिया है।

शोध और अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रो. आर्या ने शोधार्थियों को तैयार करने तथा वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे अब तक सात पीएचडी शोधार्थियों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने तीन शोध एवं परामर्श परियोजनाओं का संचालन किया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 65 से अधिक सम्मेलनों एवं संगोष्ठियों में उनकी सहभागिता रही है। विभिन्न वैज्ञानिक आयोजनों में वे तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता भी कर चुके हैं।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित

प्रो. मनोज कुमार आर्या को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं शोध योगदान के लिए समय-समय पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2025 में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण योगदान के लिए उन्हें ग्लोबल इनोवेटर अवॉर्ड प्रदान किया गया। वर्ष 2024 और 2025 में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से उन्हें प्राणी विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आउटस्टैंडिंग मेंटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी वर्ष उन्हें जंतु विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए नकद पुरस्कार एवं पदक भी प्रदान किया गया।

इससे पूर्व वर्ष 2022 में उन्हें जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रतिष्ठित माधवी श्याम मेडल तथा इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ साइंस एंड रिसर्च, कोलकाता की ओर से रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रदान किया गया था। वर्ष 2019 में भारतीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी ने उन्हें इमर्जिंग यंग साइंटिस्ट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया। वहीं, वर्ष 2014 में आयोजित 25वीं अखिल भारतीय जंतु विज्ञान कांग्रेस में भी उन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ था। ये उपलब्धियां उनके निरंतर शोध प्रयासों और वैज्ञानिक क्षेत्र में सक्रिय योगदान को दर्शाती हैं।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संस्थाओं से जुड़ाव

प्रो. आर्या अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। वे इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन, इंडियन एकेडमी ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज, जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया, एनवायरनमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन, नई दिल्ली, इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ साइंस एंड रिसर्च, कोलकाता तथा एसोसिएशन ऑफ एंटोमोलॉजिस्ट्स, पंजाब सहित विभिन्न संस्थाओं के आजीवन सदस्य हैं।

इसके अलावा वे देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान की अनुसंधान सलाहकार समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध पत्रिकाओं के संपादकीय मंडल से उनका जुड़ाव है। साथ ही वे प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में विशेषज्ञ समीक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका यह अकादमिक अनुभव विभाग में शोध की गुणवत्ता, वैज्ञानिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के शोध कौशल को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकता है।

प्राध्यापकों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने दी बधाई

प्रो. मनोज कुमार आर्या की विभागाध्यक्ष पद पर नियुक्ति पर जंतु विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एचसीएस बिष्ट, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. दीपक कुमार आर्या, डॉ. नेत्र पाल शर्मा, डॉ. सीता देवली, डॉ. दीपक चंद्र मेलकानी, डॉ. मोहित सिंह रौतेला सहित विभाग के अन्य प्राध्यापकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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