करीब 6 किलोमीटर लंबी सड़क से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत, स्थानीय लोगों को मिलेगी आवागमन में राहत
कालाढूंगी/नैनीताल। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कालाढूंगी बौरपुल से कोटाबाग के मूसाबंगर तक लगभग 6 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए ₹4.99 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस सड़क निर्माण कार्य को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से मंजूरी प्रदान की गई है।
इस स्वीकृति से क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क का निर्माण होने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने तथा लोगों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
कालाढूंगी बौरपुल से कोटाबाग मूसाबंगर तक प्रस्तावित सड़क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क सुविधा बेहतर होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्रीय गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
इस सड़क निर्माण के लिए ₹4.99 करोड़ की स्वीकृति को कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने की तिथि और इसे पूरा करने की समयसीमा के संबंध में अभी अलग से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सड़क निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया गया है। क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने और जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को दोहराते हुए कहा गया कि विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे।
इस अवसर पर विकास को प्राथमिकता देने और जनता की सुविधाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए संदेश दिया गया— “जनता की सुविधा, क्षेत्र का विकास और जन-जन का विश्वास।”
वहीं, “विकल्प रहित संकल्प—विकसित उत्तराखंड” के ध्येय के साथ प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

