ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में ‘प्रयुक्ति 2.0’ में उमड़ा युवाओं का हुजूम, देशभर से पहुंचे 1000 से अधिक प्रतिभागी

ग्राफिक एरा भीमताल में ‘प्रयुक्ति 2.0’ का भव्य समापन, 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाई तकनीकी प्रतिभा

भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर में आयोजित तीन दिवसीय टेक्नोलॉजी एवं सांस्कृतिक उत्सव ‘प्रयुक्ति 2.0’ का समापन उत्साह, उमंग और रचनात्मकता के माहौल में हुआ। 22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित इस उत्सव में देशभर से 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। तकनीकी नवाचार, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों से सजे इस आयोजन में कुल 24 प्रतियोगिताएं एवं गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों के लिए पांच लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि रखी गई थी।

रोबोटिक्स और तकनीकी प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर

‘प्रयुक्ति 2.0’ में विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। रोबो वॉर, रोबोटिक फुटबॉल, रोबो कार रेस, ब्रिज बिल्डिंग, रॉकेट लॉन्च चैलेंज और कोड रिले जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का परिचय दिया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित ‘वाइबथॉन’ भी आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। इसमें विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों की 50 टीमों ने हिस्सा लेकर एआई आधारित नवाचार और तकनीकी समाधानों से जुड़ी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

वहीं, ‘सीआईडी फाइल्स’ प्रतियोगिता में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस गतिविधि में प्रतिभागियों को फॉरेंसिक जांच, साक्ष्यों के विश्लेषण और तार्किक निष्कर्ष निकालने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और सूक्ष्म निरीक्षण कौशल को परखने का अवसर प्रदान किया।

विज्ञान से लेकर कला और साहित्य तक गतिविधियों की धूम

उत्सव को केवल तकनीक तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा को सामने लाने के लिए विज्ञान, शतरंज, गेमिंग, वित्तीय जागरूकता, सामान्य ज्ञान, कला और साहित्य से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में आयोजित ‘बुरांश’ फैशन शो ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से स्थानीय संस्कृति और आधुनिक फैशन के मेल को दर्शाया गया। अंतरराष्ट्रीय कलाकार दीपक द्वारा लाइव फिगरेटिव पेंटिंग का प्रदर्शन और कला प्रदर्शनी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।

तकनीक और पर्यावरण के बीच संबंधों पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के दौरान तकनीकी विकास, पर्यावरण संरक्षण और सतत भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

वित्तीय जागरूकता और व्यावहारिक कला पर कार्यशालाएं

उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया। फिनोपोलिस क्लब की ओर से वित्तीय क्षेत्र पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें फोलियो.एआई के सह-संस्थापक सचिन आर. काबरा तथा विश्वविद्यालय के संदीप बिष्ट और नरेंद्र बिष्ट ने प्रतिभागियों को वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी जानकारी दी।

वहीं, आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब की ओर से क्रोशिया कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों को इस पारंपरिक हस्तकला के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया। इन कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ नए कौशल सीखने का अवसर मिला।

‘बैटल ऑफ बैंड्स’ और गरबा संध्या ने बांधा समां

तकनीकी प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी उत्सव में चार चांद लगाए। ‘बैटल ऑफ बैंड्स’, ‘ग्रामंच’ और गरबा संध्या जैसी प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों और दर्शकों को उत्सव के रंग में रंग दिया। संगीत, कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक जीवंत मंच प्रदान किया।

विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर किया सम्मानित

समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर भीमताल परिसर के निदेशक ने सभी प्रतिभागियों और आयोजनकर्ताओं को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, टीमवर्क और व्यावहारिक कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नए विचारों पर काम करने और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।

तीन दिनों तक चले ‘प्रयुक्ति 2.0’ में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी, तकनीकी प्रतियोगिताओं में उत्साह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विविधता ने आयोजन को खास बनाया। तकनीक, नवाचार और संस्कृति के समन्वय के साथ संपन्न हुआ यह उत्सव विद्यार्थियों के लिए सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी: स्वराज आश्रम में मनाई गई पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की जयंती, विधायक सुमित हृदयेश समेत कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.