जोहार महोत्सव का भव्य शुभारंभ, सीमांत क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक
तीन दिवसीय महोत्सव में दिखेगी जोहार घाटी की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगीतों, लोकनृत्य और पारंपरिक उत्पादों से सजेगा आयोजन
हल्द्वानी। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में शुक्रवार को 17वें जोहार महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगा। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही पूरा परिसर जोहार घाटी की लोक संस्कृति, परंपराओं और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक छटा से सराबोर नजर आया।
महोत्सव के आगाज पर जोहार शौका समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक सांस्कृतिक झांकी निकाली। पारंपरिक परिधानों से सजे महिला-पुरुषों की इस झांकी में सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी और जोहार घाटी की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान देखने को मिली। ढोल-दमाऊ की गूंजती थाप और पारंपरिक लोकगीतों के बीच निकली झांकी ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। झांकी के माध्यम से समाज के लोगों ने अपनी पुरातन परंपराओं, लोक संस्कृति और सामुदायिक एकता का संदेश दिया।
महोत्सव स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां पारंपरिक पहाड़ी खानपान, हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्रों, स्थानीय उत्पादों और लोक कला से जुड़ी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इन स्टॉलों के माध्यम से जोहार क्षेत्र की पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय हुनर और उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं और लोक कला से जुड़ी प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता और जोहार घाटी की विशिष्ट परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे। कार्यक्रम में पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों के साथ ही समाज की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न रंग देखने को मिलेंगे।
आयोजन समिति के अनुसार, जोहार महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जोहार घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, पारंपरिक रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं जड़ों से जोड़ना है। इसके साथ ही महोत्सव स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और पारंपरिक उत्पादों को मंच प्रदान करने का भी माध्यम बन रहा है।
महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही एमबी इंटर कॉलेज मैदान में सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बन गया है। आगामी दो दिनों में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर जोहार समाज के लोगों और संस्कृति प्रेमियों में उत्साह बना हुआ है।

