182 लाभार्थियों को मिलेगा आवास निर्माण का अनुदान
समय पर मकान निर्माण पूरा करने के दिए निर्देश
हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी की ओर से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-2.0 के तहत शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को नगर निगम सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
महापौर गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में योजना के लाभार्थियों को आवास निर्माण, अनुदान राशि के वितरण और निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि भारत सरकार की ओर से स्वीकृत डीपीआर संख्या 145 और 37 के सापेक्ष प्रथम किस्त की धनराशि नगर निगम हल्द्वानी को प्राप्त हो चुकी है। इन दोनों डीपीआर के अंतर्गत कुल 182 लाभार्थी शामिल हैं। इस अवसर पर महापौर ने लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने मकानों का निर्माण कार्य पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुदान की धनराशि मकान निर्माण की प्रगति के अनुसार विभिन्न किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी।
महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का मकान उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और पार्षदों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
कार्यशाला में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप वर्ष 2014 में सबके लिए आवास मिशन की शुरुआत की गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-1.0 की अवधि को वर्ष 2022 से बढ़ाकर दिसंबर 2024 तक किया गया। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ नए आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ 1 सितंबर 2024 से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-2.0 शुरू की गई।
योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी गरीबों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की आवासीय जरूरतों को पूरा करना है।
योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा संबंधित परिवार 1 सितंबर 2024 से पहले नगर निकाय क्षेत्र में निवास कर रहा हो। लाभार्थी परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की श्रेणी में होना चाहिए, जिसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम हो। वहीं, ब्याज सब्सिडी (ISS) घटक के तहत वार्षिक आय नौ लाख रुपये से कम निर्धारित है।
लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत मकान बनाने के लिए आवेदक के पास भूमि का वैध स्वामित्व होना जरूरी है। साथ ही परिवार ने पिछले 20 वर्षों में किसी सरकारी आवासीय योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में मकान निर्माण के लिए दो लाख रुपये का अनुदान दिया जाता था, जिसमें केंद्र सरकार का 1.50 लाख और राज्य सरकार का 50 हजार रुपये का अंशदान शामिल था। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के तहत मकान निर्माण के लिए अनुदान राशि बढ़ाकर 2.75 लाख रुपये कर दी गई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 2.25 लाख और राज्य सरकार की ओर से 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
पहले चरण में 671 में से 610 आवास पूरे
नगर निगम हल्द्वानी की ओर से जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-1.0 के तहत स्वीकृत 671 आवासों में से अब तक 610 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-2.0 के अंतर्गत डीपीआर संख्या 177 के तहत अनुबंध के अनुसार लाभार्थियों को अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त डीपीआर संख्या 145 और 37 के सापेक्ष भी प्रथम किस्त की धनराशि नगर निगम को प्राप्त हो चुकी है।
नगर निगम का लक्ष्य है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाकर उन्हें अपने पक्के मकान का सपना पूरा करने में मदद की जाए।

