प्रेम प्रसंग बना अधिवक्ता की मौत की वजह, लोहे की रॉड से सिर पर वार कर उतारा मौत के घाट

हत्या के बाद चारपाई के नीचे छिपाया अधिवक्ता का शव, आधी रात को खाई में फेंका

बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 17 दिनों से लापता चल रहे अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस अधिवक्ता की सकुशल वापसी की उम्मीद में परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, उनकी हत्या कर शव को खाई में फेंक दिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद की कहानी छिपी थी। पुलिस के मुताबिक, अधिवक्ता की हत्या उनकी प्रेमिका लता भंडारी ने अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बब्लू के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वर्ष 2020 से थे प्रेम संबंध

पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार और नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी के बीच वर्ष 2020 से प्रेम संबंध थे। हालांकि, वर्ष 2022 के बाद दोनों के बीच बातचीत धीरे-धीरे कम होने लगी थी। बताया जा रहा है कि महिला ने धीरेंद्र का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया था। इसके बावजूद धीरेंद्र उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे।

जांच में सामने आया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र ने दूसरे मोबाइल नंबर से लता से संपर्क किया और उसके घर पहुंच गए। वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान लता भंडारी ने लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इसके बाद 18 अक्टूबर को लता अपने मायके कठायतबाड़ा पहुंची और अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बब्लू को पूरी घटना की जानकारी देते हुए शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगी। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को घर से बाहर निकालने और उसे सुनसान जगह पर फेंकने की योजना बनाई।

आधी रात को वाहन से ले जाकर खाई में फेंका शव

पुलिस जांच के मुताबिक, 18 और 19 अक्टूबर की मध्यरात्रि करीब ढाई बजे दोनों आरोपियों ने धीरेंद्र के शव को वाहन में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए निकल पड़े। आरोपियों ने भागीरथी, मंडलसेरा और आरे बाईपास होते हुए नदीगांव-गिरेछीना मोटर मार्ग का रास्ता अपनाया।

इसके बाद थोणाई के समीप गोमती नदी के किनारे पहुंचे और ढलान से शव को नीचे गहरी खाई में फेंक दिया, ताकि किसी को हत्या का पता न चल सके। इस तरह हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और वाहन बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और शव को ले जाने में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे बागेश्वर जिले में चर्चा का माहौल है। जिस मामले में 17 दिनों तक अधिवक्ता की तलाश की जा रही थी, उसका अंत हत्या के खुलासे के साथ हुआ। पुलिस की जांच में सामने आई घटनाक्रम की कड़ियों ने इस मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया है।

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