पत्रकारिता, लेखन और अध्यापन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला राज्य का प्रतिष्ठित सम्मान, प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान
नैनीताल। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव समारोह में कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर डॉ. तिवारी को प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपये की सम्मान राशि भी भेंट की गई।
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को यह सम्मान पत्रकारिता, हिंदी लेखन, अध्यापन और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान तथा दीर्घकालीन उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया है। राज्य के स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश की प्रतिभाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत डॉ. तिवारी का चयन किया जाना पत्रकारिता और साहित्य जगत के लिए भी गौरव का विषय है।
सम्मान समारोह में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, भारत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, राज्यमंत्री, सांसद अजय भट्ट, अनिल बलूनी, दिनेश आर्य, त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायकगण, मुख्य सचिव, डीजीपी, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिल चुकी है डॉ. तिवारी के लेखन और पत्रकारिता को पहचान
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी की उपलब्धियों का दायरा केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। हिंदी लेखन, पत्रकारिता और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सम्मानित किया जा चुका है। अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस स्थित भारतीय दूतावासों के साथ ही थाईलैंड और सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्थाओं एवं विश्वविद्यालयों ने भी उनके कार्यों को सराहा है।
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में उन्हें उनकी चर्चित पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव सम्मान प्रदान किया गया था। देशभर के 13 लेखकों को इस सम्मान के लिए चुना गया था, जिनमें उत्तराखंड से डॉ. तिवारी एकमात्र सम्मानित लेखक थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह यह सम्मान प्राप्त करने वाले उत्तराखंड के पहले पत्रकार भी बने।
पत्रकारिता पर लिखीं तीन पुस्तकें, प्रकाशित हो चुके हैं दो दर्जन शोध पत्र
डॉ. तिवारी ने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहते हुए महत्वपूर्ण साहित्यिक एवं अकादमिक योगदान दिया है। वह पत्रकारिता विषय पर तीन पुस्तकें लिख चुके हैं। इनमें से एक पुस्तक का विमोचन मॉरीशस के राष्ट्रपति ने वहां स्थित राष्ट्रपति भवन में किया था, जो उनके लेखन की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है।
इसके अलावा उनके दो दर्जन से अधिक शोध पत्र और एक हजार से ज्यादा लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं एवं अन्य माध्यमों में प्रकाशित हो चुके हैं। अध्यापन के क्षेत्र में भी उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के माध्यम से अनेक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया है।
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को इससे पूर्व उत्तराखंड रत्न, राज्य सूचना आयोग की ओर से आरटीआई अवार्ड, अंतरराष्ट्रीय भारत सम्मान और अचीवर्स अवार्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
उत्तराखंड गौरव सम्मान मिलने पर पत्रकारिता, साहित्य और शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

