हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा दावेदारों की भरमार, हल्द्वानी, कालाढूंगी और लालकुआं सीट पर यह नेता लड़ना चाहते हैं विधानसभा चुनाव
मदन कौशिक ने हल्द्वानी में की रायशुमारी, कई नेताओं ने पेश की दावेदारी; कालाढूंगी और लालकुआं के मौजूदा विधायकों की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
हल्द्वानी। मंगलवार को प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने कुमाऊं संभाग कार्यालय में हल्द्वानी, कालाढूंगी और लालकुआं विधानसभा सीटों को लेकर पार्टी के नेताओं और संभावित दावेदारों से बातचीत की। इससे पहले भीमताल और नैनीताल विधानसभा सीटों पर भी संगठन की ओर से रायशुमारी की जा चुकी है।
हल्द्वानी सीट पर सबसे अधिक दावेदार
हल्द्वानी विधानसभा सीट पर भाजपा के भीतर टिकट को लेकर सबसे ज्यादा हलचल दिखाई दे रही है। यहां दावेदारों की लंबी सूची सामने आई है। वर्तमान मेयर गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व मेयर जोगेंद्र पाल रौतेला, दर्जा राज्य मंत्री रेनू अधिकारी, शंकर कोरंगा, मोहन पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी भुवन जोशी और निश्चल पांडे ने अपनी दावेदारी पेश की है।
एक ही विधानसभा सीट पर कई प्रभावशाली नेताओं के सामने आने से पार्टी के सामने प्रत्याशी चयन की चुनौती भी बढ़ती दिखाई दे रही है। संगठन के लिए सभी दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता, क्षेत्र में पकड़, जनाधार और चुनाव जीतने की संभावनाओं का आकलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कालाढूंगी में भी टिकट को लेकर मुकाबले के संकेत
कालाढूंगी विधानसभा सीट पर भी भाजपा के भीतर दावेदारों की सक्रियता देखने को मिली। यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरमवाल और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया सहित कई नेताओं के नाम सामने आए हैं।
लालकुआं विधानसभा सीट पर भी भाजपा के कई नेताओं ने अपनी दावेदारी सामने रखी। यहां दीपेंद्र कोश्यारी और मुकेश बेलवाल समेत अन्य नेताओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इससे साफ है कि लालकुआं सीट पर भी पार्टी के भीतर टिकट को लेकर गतिविधियां तेज हो रही हैं।
मौजूदा विधायकों की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
इस पूरी रायशुमारी के दौरान एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि कालाढूंगी और लालकुआं विधानसभा क्षेत्रों के मौजूदा विधायक बैठक में मौजूद नहीं रहे। दोनों सीटों पर कई नेताओं की ओर से दावेदारी सामने आने के बीच मौजूदा विधायकों की गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गई है।
हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे लेकर पार्टी के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
रायशुमारी के बाद प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य मदन कौशिक ने स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन विधानसभा क्षेत्रों को लेकर रायशुमारी कर रहा है। इसमें जनता की राय जानने के साथ ही संबंधित विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत की संभावनाओं, संगठन की स्थिति और आगामी चुनाव की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
उन्होंने इस बैठक को सीधे तौर पर टिकट के दावेदारों की बैठक मानने से इनकार किया। हालांकि, बैठक के दौरान जिस तरह अलग-अलग नेताओं ने अपनी चुनावी इच्छा और दावेदारी सामने रखी, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कई नेता इस प्रक्रिया के माध्यम से अपनी राजनीतिक मंशा प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने में जुटे हैं।
भाजपा की इस रायशुमारी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हल्द्वानी, कालाढूंगी और लालकुआं जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर दावेदारों की लंबी सूची ने संगठन के सामने प्रत्याशी चयन को लेकर चुनौती खड़ी कर दी है।
अब देखना होगा कि रायशुमारी के दौरान मिले फीडबैक, नेताओं के जनाधार, संगठन में उनकी सक्रियता और चुनावी जीत की संभावनाओं के आधार पर प्रदेश नेतृत्व किस तरह आगे की रणनीति तैयार करता है। फिलहाल भाजपा के भीतर टिकट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और तीनों विधानसभा सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

