देहरादून। उत्तराखंड में क्षेत्र पंचायत प्रमुखों, ज्येष्ठ एवं कनिष्ठ उपप्रमुखों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन के सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने क्षेत्र पंचायत प्रमुखों और सदस्यों के मानदेय व भत्तों में वृद्धि के साथ ही क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली 25 लाख रुपये की निधि को दोबारा शुरू करने की घोषणा की।
लंबे समय से उठ रही थी मानदेय बढ़ाने की मांग
प्रदेश में 13 जिला पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों और 7813 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि लंबे समय से मानदेय में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2021 में सरकार ने ग्राम प्रधानों के मानदेय में बढ़ोतरी कर इसे 1500 रुपये प्रतिमाह किया था। हालांकि, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों के प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया था।
क्षेत्र पंचायत प्रमुखों, ज्येष्ठ एवं कनिष्ठ उपप्रमुखों और सदस्यों की ओर से लगातार मानदेय और भत्तों में वृद्धि की मांग उठाई जा रही थी। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इन प्रतिनिधियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पहले 25 लाख रुपये की निधि उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने इस निधि को फिर से प्रारंभ करने की घोषणा की है।
निधि बहाल होने से क्षेत्र पंचायतों को स्थानीय स्तर पर विकास कार्य कराने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
गांवों को शहरों में शामिल करने से पहले ली जाएगी राय
मुख्यमंत्री ने गांवों को शहरी क्षेत्र का हिस्सा बनाने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत की राय लेने की घोषणा भी की। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की सहमति को महत्व मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ब्लॉक स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी।
पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच सेतु : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। वे स्थानीय समस्याओं को बेहतर ढंग से समझते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों का योगदान महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधियों की समस्याएं, सुझाव और मांगें सरकार के संज्ञान में हैं। संबंधित विभागों से विमर्श कर इनके समाधान के लिए सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं से प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों में मानदेय वृद्धि और क्षेत्र पंचायतों को विकास निधि मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

