नैनीताल की राजनीति का एक अध्याय समाप्त, पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल का निधन
दिल्ली में उपचार के दौरान ली अंतिम सांस, लगभग 70 वर्ष की आयु में दुनिया को कहा अलविदा; पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए पीछे
नैनीताल। नैनीताल की राजनीति और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के लिए शनिवार का दिन दुखद खबर लेकर आया। नैनीताल के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी डॉ. नारायण सिंह जंतवाल का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।
वह लगभग 70 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से नैनीताल नगर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. नारायण सिंह जंतवाल उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े प्रमुख लोगों में शामिल रहे। उन्होंने राज्य निर्माण के आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही नैनीताल के पूर्व विधायक के रूप में भी उन्होंने क्षेत्र की राजनीति और जनहित से जुड़े मुद्दों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन को नैनीताल के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में उपचार के दौरान उनका निधन हुआ। उनके पार्थिव शरीर के शनिवार दोपहर बाद तक नैनीताल पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उनके अंतिम दर्शन और अंत्येष्टि को लेकर आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
डॉ. जंतवाल अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुकी हैं। पति के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और राज्य आंदोलनकारी संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। लोगों ने कहा कि डॉ. नारायण सिंह जंतवाल का सामाजिक और राजनीतिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उनके निधन से नैनीताल ने एक अनुभवी राजनीतिक व्यक्तित्व और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के एक समर्पित सेनानी को खो दिया है।










