लालकुआं। वन विकास निगम के डिपो संख्या पांच में लाखों रुपए की लकड़ी नीलामी घोटाले के मामले में चार कर्मचारियों पर गाज गिरने के बाद अब वन विकास निगम ने कर्मचारियों से मिली भगत कर घपला करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ अब कार्रवाई की गई है।

प्रबंधक वन विकास निगम महेश चंद्र आर्य ने बताया कि लकड़ी बिक्री घोटाला में गड़बड़ी पाए जाने के बाद मुख्यालय के निर्देश के बाद डिपो नंबर पांच और डिपो नंबर चार का ऑडिट कराया जा रहा है जांच में पाया गया कि 15 ठेकेदारों ने कर्मचारियों से मिलीभगत कर घपलाकर नीलामी की गई लड़कियों के बिक्री में घोटाला किया है।

ऐसे 15 ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनको ब्लैकलिस्टेड किया गया है। ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पहले चरण में डिपो नंबर चार का ऑडिट कराया गया, जहां कुछ अनियमिताएं सामने आई है। अभी पूरी रिपोर्ट आनी बाकी है, रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा की किस तरह का घपला हुआ है।

 उन्होंने कहा कि डिपो नंबर पांच में अगस्त माह में नीलामी लकड़ी बिक्री में ठेकेदार और कर्मचारियों की मिलीभगत से करीब 9 लाख के घपले का प्रकरण सामने आया था।

चार कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और मुकदमे की की कार्रवाई पूर्व में की गई है। डिपो की ऑडिट कराई जा रही है। संभावन है कि घपले की राशि और बढ़ सकती है। वन विकास निगम के डिपो नंबर पांच का ऑडिट होना बाकी है। ऑडिट होने के बाद ही पता चल सकेगा कि कितने रुपए का घपला हुआ है।

घोटाले प्रकरण में जो भी लोग दोषी शामिल होंगे, उनके खिलाफ विभागीय सख्त से सख्तकार्रवाई की जाएगी।

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