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हल्द्वानी। मलिक के बगीचे की जमीन खुर्द-बुर्द करने, झूठा शपथपत्र दाखिल करने और मरे व्यक्ति के नाम से हाईकोर्ट में रिट डालने के आरोप में नगर निगम की ओर से छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

इनमें चौथे आरोपी की भी मौत हो गई है। अब इस मुकदमे के दो आरोपी अब्दुल मलिक और उसकी पत्नी साफिया मलिक ही बचे हैं। पुलिस अब इन दोनों से पूछताछ करेगी।

बनभूलपुरा मलिक के बगीचे की नजूल भूमि पर फर्जीवाड़ा कर कब्जा करने और अवैध निर्माण कराने के आरोप में 22 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने हल्द्वानी निवासी अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी साफिया मलिक, अख्तरी बेगम, नबी रजा खां, गौस रजा खां और बरेली निवासी अब्दुल लतीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

फर्जीवाड़े के साथ मृत व्यक्ति के नाम से कोर्ट में याचिका लगाने का भी आरोप था। मामले में जांच शुरू हुई तो पता चला कि आरोपी नबी रजा खां, अख्तरी बेग और अब्दुल लतीफ की पहले ही मौत हो चुकी है।

 चौथे आरोपी 82 वर्षीय गौस रजा खां का दिल्ली स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों की सलाह पर परिजन घर ले आए थे।

पुलिस के मुताबिक शनिवार की रात गौस रजा खां की भी मौत हो गई। हालांकि कोतवाली पुलिस मौत से पहले ही गौस रजा के बयान दर्ज कर चुकी थी।

अब पुलिस की जांच अब्दुल मलिक और उसकी पत्नी साफिया व दस्तावेजों पर आकर टिक गई है।

कोतवाल उमेश मलिक के बताया कि मामले में बचे दोनों आरोपियों से पूछताछ कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

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