ब्रेकिंग न्यूज़
मानसून पर नैनीताल प्रशासन हाई अलर्ट, बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी,डीएम ललित मोहन रयाल के सख्त निर्देश, 24×7 अलर्ट मोड में रहेगा प्रशासन; लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई16 जुलाई से भीमताल में भव्यता के साथ मनाया जाएगा हरेला मेला : कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ापहली ही बारिश में हल्द्वानी की सड़कों की खुली पोल, मेयर बोले—’इस मानसून धैर्य रखें, अगली बरसात तक 99% समस्याएं होंगी खत्म’नैनीताल में मानसून आपदा मॉक ड्रिल सफल, डीएम ललित मोहन रयाल ने कंट्रोल रूम से की लाइव मॉनिटरिंग, सीएम ने वीसी के जरिए तैयारियों का लिया जायजानैनीताल में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती: अवैध मशीन की सूचना पर ₹50 हजार इनाम, डेंगू रोकथाम के भी कड़े निर्देश
खबर शेयर करे -

शासन ने हल्द्वानी समेत चार शहरों के ड्राफ्ट मास्टर प्लान पर रोक लगा दी है। यह मास्टर प्लान चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव के कार्यकाल में तैयार किए गए थे, जिनमें लोगों की सुविधानुसार भू-उपयोग दर्शाने का आरोप है।

जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इन मास्टर प्लान पर निर्णय होगा। दरअसल, चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव के कार्यकाल में एक ओर जहां हल्द्वानी के ड्राफ्ट मास्टर प्लान को लेकर शिकायतें हुईं थी तो एमडीडीए की 108वीं बोर्ड बैठक में उनके तथ्यों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। इस आधार पर सरकार ने शशि मोहन को शासन में अटैच कर दिया था।

हाल ही में सचिव आवास आर मीनाक्षी सुंदरम ने शशि मोहन की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। साथ ही उनके कार्यकाल में तैयार किए गए हल्द्वानी, ऋषिकेश, काशीपुर और रुद्रपुर के मास्टर प्लान पर रोक लगा दी। जांच समिति सभी पहलुओं पर जांच करेगी।

माना जा रहा कि यदि की गई शिकायत सही निकली तो तैयार ड्राफ्ट मास्टर प्लान में फायदा लेने वाले लोगों को रोक के फैसले से जबरदस्त झटका लगेगा।

वहीं, मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया और लटक सकती है। बता दें कि अमृत-1 के तहत देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, रुद्रपुर, काशीपुर और नैनीताल के लिए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट तैयार किए जा रहे हैं।

विभाग के पास मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नगर नियोजकों की भारी कमी है। हर जिले में कम से कम दो सिटी प्लानर होने चाहिए, लेकिन अभी एक भी नहीं है।

विभाग में केवल एक वरिष्ठ नगर एवं ग्राम नियोजक हैं। एक अन्य नगर नियोजक स्टडी लीव पर है। फिलहाल आउटसोर्सिंग की मदद से ही काम चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से कुछ सिटी प्लानर मिल जाएंगे।

यह भी पढ़ें :  बेटी बनी पिता की कातिल! मंगलसूत्र-झुमके बेचकर रची हत्या की साजिश, पति संग गिरफ्तार

You missed

error: Content is protected !!