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हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित बैठक में पीसी-पीएनडीटी अधिनियम, डेंगू रोकथाम एवं क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

पीसी-पीएनडीटी अधिनियम की समीक्षा के दौरान डीएम ने जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में किसी भी हाल में भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं होना चाहिए। संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर तत्काल छापेमारी करने के निर्देश देते हुए उन्होंने बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग करने वालों की सूचना देने पर 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने की बात कही।

डीएम ने कहा कि सभी रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट का वैध पंजीकरण अनिवार्य है तथा बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन कानूनन अपराध है।

बैठक में मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम को लेकर भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्विलांस, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निकायों और पंचायतीराज विभाग को नालियों की सफाई, जलभराव खत्म करने, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले और टायरों की नियमित सफाई करें तथा बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने जनपद के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक अस्पताल में मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए तथा आपातकालीन स्थिति में हर मरीज को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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