पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने यात्रियों से भरी जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया है।

18 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पाकिस्तानी सेना ट्रेन में सवार लोगों को बीएलए के कब्जे से छुड़ाने में विफल रही है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन में 400 से अधिक यात्री सवार थे।

ट्रेन जब बलूचिस्तान इलाके में एक सुरंग में घुसी तो बलूच विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया और ट्रेन को अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि बलूच सशस्त्र विद्रोहियों के कब्जे में 214 बंधक हैं।

बंधकों को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू

ट्रेन हाईजैक की घटना के बाद पाकिस्तानी सेना ने बंधकों को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू किया। रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने चरमपंथियों के कब्जे से 104 बंधकों को छुड़ा लिया है।

इसने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि छुड़ाए गए बंधकों में 58 पुरुष, 31 महिलाएं और 15 बच्चे हैं। इसने यह भी दावा किया कि 16 बलूच चरमपंथी मारे गए।

बीएलए ने किया बड़ा दावा

हालांकि, बलूच लिबरेशन आर्मी ने एक बयान जारी कर बंधकों को रिहा करने के पाकिस्तानी सेना के दावों को नकार दिया और इसे पाकिस्तान का दुष्प्रचार बताया। बीएलए ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को उसने इसलिए रिहा किया है।

क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों कापालन करता है। इसके साथ ही समूह ने पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की पुष्टि की और कहा कि उसने इसे नाकाम कर दिया है और सभी बलूच लड़ाके सुरक्षित हैं।

बीएलए ने यह भी दावा किया कि अब बंधकों में से ज़्यादातर पाकिस्तानी सुरक्षा बल के जवान हैं। समूह ने पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई कार्रवाई को गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताया और कहा कि इससे पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना बंधकों को लेकर किसी भी गंभीर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। इसने धमकी दी है कि अगर पाकिस्तानी सेना ने कोई हमला किया या एक भी गोली चलाई तो 10 (बंधक) सैनिक मारे जाएंगे।

दिया अल्टीमेटम

बलूच लिबरेशन आर्मी ने बंधकों के बदले बलूच राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग की है। इसके लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। समूह ने कहा है कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो समयसीमा खत्म होने के बाद हर घंटे 5 बंधकों की हत्या की जाएगी और यह सिलसिला आखिर तक जारी रहेगा।

बलूचिस्तान पोस्ट ने बीएलए के हवाले से बताया है कि समूह के कब्जे में फिलहाल 214 बंधक हैं।

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