उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने नैनीताल शहर सहित अन्य जगहों की ट्रैफिक व पार्किंग की समस्या संबंधी कई जनहित याचिकाओ पर एक साथ सुनवाई की फिलहाल टैक्सी बाइक वालों के लिए कोई राहत नहीं मिली।

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने नैनीताल शहर सहित अन्य जगहों की ट्रैफिक व पार्किंग की समस्या संबंधी कई जनहित याचिकाओ पर एक साथ सुनवाई करते हुए स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण समस्या का समाधान करते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

खण्डपीठ ने बी.ड़ी.पाण्डे अस्पताल के समीप चौड़ी जगह में, तीन गाड़ी मरीजों की और एक एम्ब्युलेंस खड़ी करने के साथ ही ज़ू शटल सेवा के लिए चार की जगह आठ इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की अनुमति प्रदान की है।

न्यायालय ने तल्लीताल की लेक ब्रिज चुंगी में पर्ची के माध्यम से टैक्स वसूलने पर सवाल उठाते हुए पालिका से कहा कि आप इसके लिए फास्ट टैग से टैक्स वसूलें। कोर्ट ने नोएडा के सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सी.आर.आर.आई.) से न्यायालय ने नैनीताल को आने वाले मार्गों का सर्वे कर उन्हें तीन माह में रिपोर्ट देने को कहा है। कोर्ट से फिलहाल टैक्सी बाइको और लोकल टैक्सी वाहनों को कोई राहत फिलहाल नही मिली।
हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि लेक ब्रिज चुंगी में रात आठ बजे के बाद बिना पर्ची कटे वाहनों को आने दिया जा रहा है। मंदिर जाने पर उनके वाहनों से 25 रुपया प्रति घण्टे के हिसाब से लिया जा रहा है।

नारायण नगर वालो की तरफ से कहा गया कि नारायण नगर में छोटी गाड़ियों से कूड़ा बड़ी गाड़ियों में डालने से नारायण नगर, चार खेत, सरितताल व खुर्पाताल के क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।

जिसपर कोर्ट ने कहा कि इसपर शपथपत्र पेश करें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई हेतु 19 मई सोमवार की तिथि नियत की है।

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