देहरादून। सहसपुर जमीन घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व वन मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।
इस पर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने सरकार के दबाव में जाकर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत इन दोनों मुश्किलों में घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं. जमीन घोटाले मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का बयान सामने आया है उनका कहना है कि मैं अगर दोषी हुआ तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा लेकिन मुझे और राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाने की कोशिश की जा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा राजनीति से ले लूंगा संन्यास
प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉक्टर हरक सिंह रावत ने कहा सहसपुर जमीन मामले में दशमलव 1% भी दोषी हुआ तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा. हरक सिंह रावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मेरे साथ षड़यंत्र रच रही है उन्होंने इस पूरे प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताया है।
हरक सिंह रावत ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने सरकार के दबाव में जाकर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है यदि वह दोषी हुए थे सदाबहार करने को तैयार है लेकिन दो साबित ना हुआ तो क्या प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ फर्जी चर्चित बनाने का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
सर्किल रेट से कम दाम में जमीन खरीदने के आरोप
जिस 8 पॉइंट 29 हेक्टेयर जमीन की बात की जा रही है वह जमीन सुशीला देवी के नाम पर पिछले 50 साल से थी जमीन सर्किल रेट से कम पर खरीदने को लेकर आरोप लगाया जा रहा है वहीं राजपुर रोड पर जमीन सेलिब्रेट से 15% महंगी है वहीं जमीन जिस क्षेत्र की जमीन के लिए रास्ता नहीं है उन क्षेत्रों में जमीन साल की डेट से 50% कम पर है.
उन्होंने कहा कि यह सब उनकी छवि को धूमिल करने के लिए किया जा रहा है लेकिन में डरने वाले नहीं है कोई व्यक्ति तब तक डरता है जब वह गलत करता है ।
पूर्व वन मंत्री ने कहा वह कफन बांधकर राजनीति करने उतरे हैं वहीं हर सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं इन्हें सट्टा का घमंड हो चुका है रावण व कंस की तरह भाजपाइयों का घमंड भी टूटेगा।
ईडी ने दाखिल की चार्जशीट
बता दें की पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने चार्जशीट दाखिल की है अब इस मामले में हरक सिंह रावत साफ तौर पर अपने खिलाफ साजिश करार देते हुए बयान दे रहे हैं।
उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया जिसके लिए उन्हें पछताना पड़े अगर वह एक प्रतिशत भी आरोपी पाए जाते हैं तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
लेकिन जिस तरह से उनके खिलाफ चार्जशीटट कोर्ट में दाखिल की गई यह पूरी तरह से दिखाई दे रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय सरकार के दबाव में है जिसके चलते उनके खिलाफ इस प्रकार के मामले बनाए जा रहे हैं।





