महाविद्यालय कोटाबाग में एंटी ड्रग एवं रोवर्स रेंजर्स प्रकोष्ठ के तत्वाधान में पोस्टर प्रतियोगिता का किया गया आयोजन
कालाढूंगी /कोटाबाग। राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग, नैनीताल में एंटी ड्रग एवं रोवर्स रेंजर्स प्रकोष्ठ के तत्वाधान में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कुमारी प्रतिभा लटवाल रही। द्वितीय स्थान पर कुमारी अंजू रही। तृतीय स्थान पर बबीता गरजौला रही।
पोस्टर प्रतियोगिता का विषय। नशे के विरुद्ध युवा रहा। पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने आम जनमानस को यह संदेश देने का प्रयास किया कि नशा समाज को पतन की ओर अग्रसर कर रहा है।और समाज का हित नशे को त्यागने में ही है।
छात्र-छात्राओं ने रंगों और तूलिका के माध्यम से नशे के खिलाफ आम जनमानस को जन जागरूक करने का प्रयास किया । रंग-बिरंगे चित्रों ने यह संदेश दिया कि नशा विनाश लीला का आगाज है ,नशा युवाओं को खत्म कर रहा है , नशा घरों को उजाड़ रहा है , नशा भारत भविष्य के लिए खतरा है।
सनातन संस्कृति की ओर लौटो और नशे को छोड़ो जो दिखता है और जो बिकता है सदैव वही सच नहीं होता है। प्रतियोगिता में 42 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया ।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉक्टर भावना जोशी संयोजक, डॉक्टर सत्यनंदन भगत , डॉ आलोक पांडे ,डॉक्टर बिंदिया राही सिंह, डा परितोष उप्रेती और डॉ विनोद कुमार उनियाल जी रहे। विजय प्रतिभागियों को प्राचार्य प्रोफेसर नवीन भगत जी ने पुरस्कार प्रदान कर उनके हौसलों को बढ़ाया।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर हरिश्चंद्र जोशी ने किया। धन्यवाद प्रस्ताव डॉक्टर सुनीता बिष्ट ने प्रेषित किया । इस अवसर पर श्री रमेश कुमार जी ,श्रीमती भावना दुमका जी, सुश्री विनीता , श्री गोधन ,श्री महेंद्र सिंह नेगी, उपस्थित रहे ।
छात्र-छात्राओं में प्रतिभागियों के अतिरिक्त कुमारी प्रियंका, कुमारी दीपा, कुमारी योगिता ,कुमारी मीनू, सचिन, यशमीत ,कमल और सौरभ बुढलाकोटी ने विशेष सहयोग प्रदान किया ।
प्राचार्य प्रोफेसर नवीन भगत जी ने इस अवसर पर कहा कि छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में आयोजित प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहिए । यह प्रतियोगिताएं वह मंच है जो छात्र-छात्राओं के भीतर छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाती है।
शिक्षक उन छिपी हुई प्रतिभाओं को तरास कर , तलाश कर छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं । छात्र-छात्राओं को चाहिए की हार जीत को मन में रखे बगैर प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग अवश्य करे ।
उन्होंने सफल कार्यक्रम के लिए आयोजक मंडल और छात्र-छात्राओं को बधाई दी ।
इस अवसर पर डॉक्टर परितोष उप्रेती ने कहा कि हम सबको आम जनमानस को नशे से दूरी बनाए रखने के लिए इस तरह के जन जागरूकता कार्यक्रम सदैव करते रहने चाहिए।
करियर काउंसलिंग प्रभारी डॉक्टर सत्यनंदन भगत ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने में नशा सबसे बडी बाधा है । डा हरिश्चंद्र जोशी ने कहा कि नशा हटाओ युवाओं को बचाओ । युवाओं के पतन का कारण सिर्फ और सिर्फ नशा है।
समाज में सर्वाधिक नशा केमिकल युक्त चल रहा है, यह वह नशा है जो युवाओं को पूरी तरह से खोखला बना रहा है । पश्चिमी संस्कृति की देखा देखी में शौक़ में युवा नशे की ओर कदम बढ़ाता है और फिर इस दलदल में धंस कर रह जाता हैै ।
हम विविध प्रकार के खेलों को खेल कर योगाभ्यास कर कर तैराकी के माध्यम से स्वयं को सनातन संस्कृति की ओर ले जाकर मेडिटेशन के सहारे इस नशे रूपी दानव से स्वयं को बचा सकते हैं।
इस नशे रूपी रक्षा को दूर करने के लिए हम सबको स्वयं मिलजुल कर प्रयास करने होंगे तभी हम सबको नजर आएगी बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर बुलंद युवाओं के साथ।





