उत्तराखंड में सोमवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है. अकेले देहरादून जिले में 13 और पूरे राज्य में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
राज्य सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए देहरादून, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने 20 सितंबर तक अत्यधिक भारी वर्षा, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है.

देहरादून में बादल फटने से मचा हाहाकार

देहरादून में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला, जहां बादल फटने जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. शहर की कई मुख्य सड़कों पर पानी का सैलाब बह निकला, जिससे घरों और दुकानों में पानी घुस गया. दो बड़े पुल बह जाने से देहरादून का संपर्क आसपास के कस्बों से कट गया है. देहरादून-विकासनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा भी ढह गया, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है. प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी के पास राजमार्ग का हिस्सा टूटने से दोनों ओर का यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अब तक 900 से अधिक लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला गया है. सुमन के अनुसार, कल रात सबसे अधिक बारिश सहस्त्रधारा, मसूरी, प्रेमनगर, नरेंद्र नगर (टिहरी) और पिथौरागढ़, नैनीताल व पौड़ी के कुछ हिस्सों में हुई. कई घर और दुकानें ध्वस्त हो गईं, जबकि करीब 15 लोगों की जान चली गई है, जिनमें 13 देहरादून के हैं।

देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट ने मौसम पूर्वानुमान में और अधिक बारिश की संभावना को देखते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. पुल टूटने और सड़कें बह जाने के कारण जौनसार बावर, चकराता और विकासनगर का देहरादून से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है. कई क्षेत्रों में बिजली गुल होने से जनजीवन ठप हो गया है।

मृतकों में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोगों का समूह भी शामिल है, जो तेज बहाव में बह गया. कुछ लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं जबकि अन्य की तलाश जारी है. प्रेमनगर में एक युवक टोंस नदी में बहने से बचने के लिए घंटों बिजली के खंभे से चिपका रहा, जिसे आखिरकार एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने सुरक्षित बचा लिया. सहस्त्रधारा क्षेत्र के करलीगढ़ में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे दो लोग लापता हैं।

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और लोक निर्माण विभाग की टीमें भारी मशीनरी के साथ रातभर राहत और बचाव कार्य में जुटी रही. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सभी जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि जान-माल के नुकसान से मैं अत्यंत दुखी हूं. सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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