हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश का बड़ा आरोप: फोन हैक कर रहा है गिरोह! गैरसैंण विधानसभा सत्र में आत्मदाह की चेतावनी

फोन हैकिंग के आरोपों से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने जताई चिंता; बोले- हर परिस्थिति में सुमित के साथ खड़े हैं

हल्द्वानी। उत्तराखंड में फोन हैकिंग के कथित मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में एक संगठित हैकिंग गिरोह सक्रिय है, जो नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन हैक कर उनकी निजी बातचीत की जानकारी जुटा रहा है। विधायक ने इस मामले में गंभीर चिंता जताते हुए आगामी 27 अक्टूबर से गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हल्द्वानी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सुमित हृदयेश ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैकरों की मदद से नेताओं के मोबाइल फोन हैक किए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इस कथित गतिविधि के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नेता किससे और क्या बातचीत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल चुनाव के दौरान राजनीतिक रणनीति बनाने या विरोधियों के खिलाफ चालें चलने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, विधायक की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

दो लोगों पर लगाए संलिप्तता के आरोप

कांग्रेस विधायक ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल फोन की सुरक्षा को लेकर संदेह हुआ था। इसके बाद उन्होंने अपना फोन जांच के लिए दो लोगों को दिया। उनके अनुसार, शुरुआत में इन दोनों लोगों ने फोन हैक होने की आशंका से इनकार किया था, लेकिन बाद में उन्हें जानकारी मिली कि कथित तौर पर वे दोनों ही इस मामले में संलिप्त हैं।

सुमित हृदयेश ने दावा किया कि उन्होंने पिछले वर्ष 24 अप्रैल को इस संबंध में दोनों लोगों के खिलाफ पुलिस में नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

विधायक ने कहा कि यह मामला केवल उनकी राजनीतिक गतिविधियों या व्यक्तिगत निजता तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की निजी बातचीत और व्यक्तिगत जानकारियां सुरक्षित नहीं हैं, तो उसके लिए सामान्य जीवन जीना भी मुश्किल हो सकता है।

‘आत्मदाह का प्रयास नहीं, आत्मदाह करूंगा’

संवाददाता सम्मेलन के दौरान सुमित हृदयेश ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई, तो वह गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे।

उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “मैं आत्मदाह का प्रयास नहीं, बल्कि आत्मदाह करूंगा। हर हाल में करूंगा। अपने लिए नहीं करूंगा, लोकतंत्र के लिए करूंगा। अगर निजता नहीं है, तो बचा ही क्या है।”

विधायक के इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत शिकायत उठाना नहीं, बल्कि नागरिकों की निजता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुरक्षा का सवाल सामने लाना है।

हालांकि, उन्होंने कथित हैकिंग गिरोह से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति का नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यह जांच का विषय है और यदि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई होती है, तो जांच के दौरान संबंधित लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

राज्य सरकार पर सीधे आरोप लगाने से किया इनकार

जब सुमित हृदयेश से पूछा गया कि क्या इस कथित मामले में राज्य सरकार की कोई भूमिका है, तो उन्होंने ऐसा मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध हैं और वह मुख्यमंत्री को अच्छा व्यक्ति मानते हैं।

विधायक ने यह भी कहा कि इस मामले को सार्वजनिक करने से उनकी जिंदगी पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बात सामने रखने का फैसला किया है।

उनके आरोपों के बाद अब इस बात पर नजर रहेगी कि पुलिस उनकी पुरानी शिकायत और फोन हैकिंग से जुड़े दावों की जांच को लेकर क्या कदम उठाती है। फिलहाल, कथित हैकिंग गिरोह की गतिविधियों और आरोपित व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

हरीश रावत ने जताई चिंता, सुमित हृदयेश को दिया समर्थन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सुमित हृदयेश की ओर से उठाए गए मुद्दे को अत्यंत चिंताजनक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के सामने संगठित गिरोह किस तरह की असहज और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं, इसकी आशंका सुमित हृदयेश ने व्यक्त की है।

हरीश रावत ने कथित गिरोहों को मिलने वाले संरक्षण की आशंका की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि विधायक की प्रेस वार्ता का विस्तृत विवरण सुनने के बाद वह बेहद चिंतित हैं।

उन्होंने सुमित हृदयेश से धैर्य, साहस और संयम के साथ इस परिस्थिति का सामना करने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं।

रावत ने कहा कि हर परिस्थिति में सुमित हृदयेश को सहयोग दिया जाएगा।

निजता और साइबर सुरक्षा पर उठे सवाल

सुमित हृदयेश के आरोपों ने प्रदेश में साइबर सुरक्षा, मोबाइल फोन की गोपनीयता और राजनीतिक व्यक्तियों की निजी बातचीत की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी के मोबाइल फोन को अनधिकृत तरीके से हैक कर निजी जानकारियां हासिल की जाती हैं, तो यह व्यक्तिगत निजता और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है।

हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों और वास्तविक तथ्यों के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस की ओर से शिकायत पर की गई कार्रवाई, मोबाइल फोन की तकनीकी जांच और कथित रूप से संलिप्त लोगों की भूमिका सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, सबकी नजरें 27 अक्टूबर से गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र पर टिकी हैं। सुमित हृदयेश की आत्मदाह संबंधी चेतावनी के मद्देनजर उनकी सुरक्षा और इस मामले में समय रहते उचित कदम उठाना भी महत्वपूर्ण होगा।

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