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देहरादून। बेसिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के पात्रता धारण करने प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करने की मांग को लेकर अभिभावक व कुछ नेताओं को लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे डीएलएड प्रशिक्षुओं की निदेशक अजय कुमार नौडियाल से तीखी झड़प हुई।

मोबाइल पर रिकार्डिंग करने से गुस्साए निदेशक ने एक युवती के हाथ से मोबाइल छीन लिया, जिससे वहां मौजूद व्यक्तियों ने निदेशक के साथ जमकर धक्का-मुक्की की। इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो गया।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह को भेजे पत्र में शिकायत की कि गुरुवार को डीएलएड अंतिम सेमेस्टर के प्रशिक्षु बेसिक शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षकों के 2052 पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया कुछ समय तक रोकने के लिए उन पर अनावश्यक दबाव बनाने को उनके कार्यालय पहुंचकर उनके साथ अभद्रता की।

जबकि इस दौरान वह अपने कार्यालय में विभागीय केस की उच्च न्यायालय नैनीताल से वर्चुअल माध्यम सुनवाई से जुड़ा हुए थे। इसी बीच दो सौ से अधिक प्रशिक्षु, उनके अभिभावक कार्यालय में घुस और हंगामा करने लगे। उन्होंने मांग की कि जब तक वह उत्तीर्ण नहीं हो जाते, तब तक भर्ती प्रक्रिया रोक दी जाए।

इस पर उन्हें समझाया गया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है। इस पर अभ्यर्थी नहीं माने और उनके साथ हाथापाई करने लगे। उन्होंने महानिदेशक से प्रशिक्षुओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।

उधर, प्रशिक्षुओं का आरोप है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने बातचीत करने के बजाए वहां मौजूद कथित एक मीडिया कर्मी का मोबाइल छीन लिया और उसे पटक दिया। इतना ही नहीं अभ्यर्थियों व अभिभावकों के साथ जमकर अभद्रता की।

उन्होंने सरकार से निदेशक को हटाने की मांग की। उधर, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को व्यवहार बेहद अशोभनीय और गैरजिम्मेदार था।

उन्होंंने मौके पर अभ्यर्थियों की मांग सुनने के बजाए सीधे गाली और अभद्रता शुरू कर दी और मीडिया कर्मी का मोबाइल छीनकर उसे पटक दिया।

एक जिम्मेदार पद पर आसीन अधिकारी से ऐसे उम्मीद नहीं की जा सकती है। सरकार तत्काल प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को पद से हटाए।

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