हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे स्टेशन से सटी हुई जमीन पर अतिक्रमण और कब्जे के मामले में सुप्रीम कोर्ट दो दिसंबर को अपना फैसला सुना सकता है, जिसके चलते बनभूलपुरा में हलचल है. इलाके में पुलिस की सरगर्मी बढ़ गई है।
जिन लोगों के मकान अतिक्रमण के जद में है वो सुप्रीम कोर्ट से रहम की दुआ कर रहे हैं।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से सटी इस 30 हेक्टेयर जमीन पर साढ़े तीन हजार घर बसे हैं. इसमें रहने वाले पांच हजार से ज्यादा परिवारों की निगाह मंगलवार को देश की सबसे बड़ी अदालत ऐप पर होगी, क्योंकि अदालत ही बताएगी कि इनके घर बचेंगे या टूटेंगे. मामले की संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने रविवार को मौके पर जाकर तैयारियां परखीं।
पुलिस ने खुफिया तंत्र भी सक्रिय कर दिया है. रेलवे के अनुसार रेलवे ट्रैक बनभूलपुरा में किनारे उसकी जमीन पर हजारों मकान बन गए हैं. कई साल पहले रेलवे ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर ली थी लेकिन मामला न्यायालय में चला गया था।
देश की सबसे बड़ी अदालत पर टिकी उत्तराखंड की निगाह
क्या हल्द्वानी के बनभूलपुरा की 30.04 हेक्टेयर जमीन से हटेगा अतिक्रमण? क्या 4,365 अतिक्रमण को तोड़ने का आदेश देगा सुप्रीम कोर्ट? रेलवे ने अपने क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
जाहिर है ये ऐसे सवाल हैं जो बनभूलपुरा के इस इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ाने वाले हैं. प्रशासन की भी टेंशन बढ़ी हुई है. लिहाजा पुलिस ने भी फ्लैग मार्च कर अपनी तैयारी का नमूना पेश किया है।
दूसरी तरफ इस इलाके में रहने वाले इस्लामिक धर्म गुरुओं की अपील है कि लोग शांति बनाए रखें. चाहे सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ भी हो. यही नहीं उन्होंने दो कदम आगे बढ़कर ऐलान कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को स्वीकार होगा।





