हल्द्वानी। जीते-जी जिस पति के साथ रहने को पत्नी तैयार नहीं थी, उसकी मौत के बाद वही पत्नी अब उसके शव के साथ मायके से ससुराल लौट आई है। यह दर्दनाक कहानी है रवि गुप्ता और उसके परिवार की, जहां एक बिखरता रिश्ता अब हमेशा के लिए खत्म हो गया।

चार जनवरी को रवि गुप्ता अपने आठ साल के बेटे अभिमन्यु (मन्नू) को लेकर दिल्ली के लिए निकला था। घर से निकलते समय उसने अपनी मां मुन्नी गुप्ता से कहा था कि वह बेटे को उसकी मां से मिलवाने ले जा रहा है, शायद बच्चे को देखकर अंजलि का मन घर लौटने का बन जाए। लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद महिला हेल्पलाइन केंद्र में हुई सुनवाई के दौरान अंजलि के भाई ने अभिमन्यु को रवि से अलग कर अपने साथ ले लिया।

रवि चाहता था कि पत्नी और बेटा उसके साथ घर लौट आएं, लेकिन ससुराल पक्ष ने इसकी इजाजत नहीं दी। मां के समझाने पर रवि दोस्त के साथ वापस हल्द्वानी के लिए निकल पड़ा। इसी दौरान ससुराल से कुछ आगे रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

पांच जनवरी को महिला समाधान केंद्र में सुनवाई के बाद शाम साढ़े पांच बजे रवि ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि अंजलि का भाई बच्चे को अपने साथ ले गया है। तब मां ने उसे ढांढस बंधाया और जल्द घर लौटने को कहा। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद ही रवि की लाश रेलवे ट्रैक पर मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की सूचना मिलने पर अंजलि पति के शव के साथ हल्द्वानी लौट आई। शुक्रवार को वह पूरे दिन रवि की तस्वीर के सामने बेटे अभिमन्यु के साथ बैठी रही। दोनों की खामोशी बहुत कुछ कह रही थी, मानो अब बीते फैसलों का पछतावा सामने आ गया हो।

तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला अभिमन्यु इन दिनों स्कूल की सर्दियों की छुट्टियों पर है। जो बच्चा पिता के साथ हंसते-खेलते दिल्ली गया था, वही अब पिता के शव के साथ गुमसुम लौट आया। पिता की मौत का सदमा उसके चेहरे पर साफ नजर आ रहा है।

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