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ज्योलीकोट पीलिया संकट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, दूषित जलस्रोत बंद करने के निर्देश

नैनीताल। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण फैले पीलिया के प्रकोप ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बीमारी के फैलने और लोगों के प्रभावित होने के बाद प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

एडीएम सौरभ असवाल और ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ प्रभावित ग्राम सभाओं का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद ज्योलीकोट किसान सेवा केंद्र में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

दौरे के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की प्राथमिकता अब प्रभावित क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति को पूरी तरह रोकना और प्रत्येक घर तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पानी पहुंचाना है।

ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट का दोटूक रुख—“क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने बैठक और दौरे के दौरान जलापूर्ति व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और ग्रामीणों को तत्काल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण क्षेत्र में तीन लोगों की जान जाने की बात सामने आई है और अब इस मामले में किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. हरीश बिष्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक क्षेत्र के प्रत्येक तोक और अंतिम गांव तक शत-प्रतिशत शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि दूषित पानी या बीमारी के कारण कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की तय की जानी चाहिए।

एडीएम सौरभ असवाल ने प्रदूषित जलस्रोतों को तत्काल बंद करने के दिए निर्देश

ज्योलीकोट किसान सेवा केंद्र में आयोजित समीक्षा बैठक में एडीएम सौरभ असवाल ने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ पेयजल संकट की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जलस्रोतों से प्रदूषित अथवा गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, उन स्रोतों से पानी की निकासी को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।

एडीएम ने विभागीय अधिकारियों को नए और स्वच्छ जलस्रोतों की तलाश युद्धस्तर पर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इंजीनियर और कर्मचारी तत्काल क्षेत्र में सुरक्षित प्राकृतिक जलस्रोतों को चिह्नित करें, ताकि प्रभावित गांवों को शीघ्र शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि हर घर तक स्वच्छ पानी की सुचारु आपूर्ति करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टैंकरों से पेयजल आपूर्ति, घरों की टंकियों की भी हो रही सफाई

प्रशासन के निर्देश के बाद जल संस्थान और जल निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही घरों में स्थापित पानी की टंकियों की सफाई का कार्य भी कराया जा रहा है, ताकि दूषित पानी के कारण बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य संबंधी सलाह और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने की पानी उबालकर पीने की अपील

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने और व्यक्तिगत एवं आसपास की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।

कई विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक और निरीक्षण के दौरान एडीएम सौरभ असवाल, नैनीताल जल निगम के अधीक्षण अभियंता ए.के. कटारिया, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना, सीएमओ डॉ. रश्मि पंत, सर्विलांस अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. मनोज कांडपाल, अधिशासी अभियंता जल निगम शशि पाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान अनीश पिल्ले, सहायक अभियंता जल निगम संजय कुमार, सहायक अभियंता जल संस्थान मोहन रावत, तहसीलदार अक्षय भट्ट, कानूनगो नरेश लाल वर्मा, पटवारी राकेश कठायत, डॉ. बबिता मनराल, हरगोविंद रावत, देवेंद्र नेगी, चंदन जीना, मनीष कुमार, दिनेश आर्य, पुष्कर जोशी, राजेंद्र मनराल, हरीश, योगेश बोरा, बसंत मेहरा, शकुंतला और कुंदन जीना सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ज्योलीकोट क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सामान्य और सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित विभागों को लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं तथा स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी।

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