धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पर्दाफाश! चारपाई के नीचे छिपाया शव, फिर कार में डालकर नदी में फेंका; महिला समेत दो गिरफ्तार
17 दिन की तलाश का दर्दनाक अंत, गोमती नदी से मिला धीरेंद्र का शव; हत्या के आरोप में महिला और उसका भाई गिरफ्तार
दोस्ती के रिश्ते पर सवाल, लोहे की रॉड से हत्या कर नदी में फेंका शव
बागेश्वर पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को हत्या में किया तब्दील, आरोपियों की निशानदेही पर बरामद हुआ सड़ा-गला शव, हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और कार भी जब्त
बागेश्वर। जनपद बागेश्वर में 35 वर्षीय धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। करीब 17 दिनों से लापता चल रहे धीरेंद्र का शव पुलिस ने गोमती नदी के पास से बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर दो वार कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद अपने भाई के साथ मिलकर शव को कार में रखकर नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को नंदी परिहार पत्नी गोविंद सिंह निवासी तल्ली बाजार, बागनाथ वार्ड, बागेश्वर ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनका 35 वर्षीय पुत्र धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन धीरेंद्र का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की तहरीर के आधार पर एफआईआर संख्या 79/26, धारा 140(3) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बागेश्वर ने तत्काल पुलिस उपाधीक्षक के निर्देशन और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की। पुलिस ने गुमशुदा युवक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, फोटो पंपलेट सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए और मोबाइल सर्विलांस की मदद से तकनीकी जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि धीरेंद्र एक संदिग्ध मोबाइल नंबर के संपर्क में लगातार था और गुमशुदगी वाले दिन उसकी आखिरी बातचीत भी इसी नंबर पर हुई थी। जांच में यह मोबाइल नंबर नुमाईशखेत निवासी लता भंडारी के नाम पर दर्ज पाया गया।
शुरुआत में पूछताछ के दौरान महिला ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन पुलिस ने उसके घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी रखी।
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग तब मिला, जब 2 नवंबर को धीरेंद्र की जूपिटर स्कूटी नुमाईशखेत स्थित चिल्ड्रन पार्क के पास खड़ी मिली। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में 19 अक्टूबर की रात संदिग्ध महिला की कार भी घटनास्थल से गुजरती दिखाई दी।
इसके बाद पुलिस ने महिला से दोबारा गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महिला ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र कथित तौर पर अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर पहुंचा था। महिला के बयान के मुताबिक, दोनों के बीच विवाद हुआ और जब धीरेंद्र ने उसके साथ कथित तौर पर जबरदस्ती करने का प्रयास किया तो गुस्से में आकर उसने घर में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर दो बार वार कर दिए।
रॉड से किए गए हमले के बाद धीरेंद्र जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। महिला ने कथित तौर पर शव को अपने घर में चारपाई के नीचे छिपा दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और शव को ले जाने में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली। मामले में गुमशुदगी के मुकदमे को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं 103(1), 238 और 61(2) बीएनएस में तरमीम किया गया।
इसके बाद प्रभारी निरीक्षक अनिल उपाध्याय ने विवेचना अपने हाथ में लेते हुए वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई भी की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू की हत्या के खुलासे के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है। जिस बेटे के सकुशल घर लौटने की उम्मीद में परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था, उसकी हत्या की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
परिजनों और क्षेत्रवासियों की मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सभी तथ्यों को न्यायालय के सामने रखा जाए, ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
नोट: पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।

