देहरादून। चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन पर रोक 10 जून तक लगा दी गई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में पत्र भी भेजा है।

इससे पहले 30 मई तक सभी वीआईपी दर्शन प्रतिबंधित रखे जाने के आदेश दिए गए थे।

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने बताया कि यात्रा के लिए व्यापक प्रबंध किये गए हैं. हरिद्वार और देहरादून में बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को रोक कर उनका रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था की गई है।

ऋषिकेश में भी जो रजिस्टर्ड यात्री हैं, अगर ऊपर भीड़ है, तो रोकने की व्यवस्था की गई है. आगे जो यात्री आ रहे हैं, वो पंजीकरण करा के ही आएं।’

10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 14 लाख से ज्यादा श्रद्धालू उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। गुरुवार को चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार हरिद्वार पहुंचे उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने दावा किया कि कोविड के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि चारधाम यात्रा की शुरुआत में श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी हो।

यात्रियों का आंकड़ा 14 लाख पार कर चुका है. डीजीपी ने उत्तराखंड आ रहे सभी यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के वे यहां ना आएं और खराब मौसम को देखते हुए पुलिस के निर्देशों का जरूर पालन करें।

डीजीपी ने माना कि शुरुआती दौर में आई भारी भीड़ के चलते व्यवस्थाएं पटरी से उतरीं लेकिन अब सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं और पुलिस पूरी तरह से तैयार है।

पिथौरागढ़ प्रशासन ने की नई पहल
आदि कैलाश यात्रा में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए पिथौरागढ़ प्रशासन ने नई पहल की है. यात्रियों के लिए इनरलाइन पास अब धारचूला के साथ ही पिथौरागढ़ मुख्यालय में भी बन सकेंगे।

साथ ही यात्रियों का मेडिकल और पुलिस सत्यापन भी मुख्यालय में हो सकेगा. प्रशासन ने जिला अस्पताल में मेडिकल जांच और सत्यापन के लिए रूम बनाएं हैं।

मुख्यालय में इनरलाइन पास बनने से जहां यात्रियों को खासी राहत मिलेगी, वहीं पर्यटन कारोबारी भी उत्साहित हैं. गौरतलब है कि चाइना बॉर्डर पर छियालेख से आगे जाने के लिए इनरलाइन पास जरूरी है।

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