अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों पर कार्रवाई, पीड़ितों के सुरक्षित बचाव व पुनर्वास पर जोर; उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 पुलिसकर्मी सम्मानित
उधम सिंह नगर। पंतनगर में मानव तस्करी के खिलाफ राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस सम्मेलन में छह राज्यों के 134 प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन में मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को ध्वस्त करने तथा तस्करी के शिकार लोगों को सुरक्षित बचाकर उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन में पुलिस विभाग, केंद्रीय एजेंसियों, विभिन्न सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान मानव तस्करी से जुड़े मामलों की जांच में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत बनाने और तस्करी में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए एडीजी वी. मुरुगेशन ने कहा कि मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने पीड़ितों को समय पर बचाने के साथ-साथ उनके सुरक्षित पुनर्वास को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि मानव तस्करी का शिकार हुए लोगों को दोबारा इस तरह के अपराधों का सामना न करना पड़े।
हरिद्वार पुलिस ने साझा कीं दो महत्वपूर्ण केस स्टडी
सम्मेलन के दौरान हरिद्वार पुलिस ने मानव तस्करी और अपहरण से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामलों की केस स्टडी प्रस्तुत की। इन मामलों के माध्यम से पुलिस की जांच प्रक्रिया, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और पीड़ितों को सुरक्षित बरामद करने के प्रयासों की जानकारी साझा की गई।
पहले मामले में बिहार से अपहृत 13 वर्षीय बालिका को पुलिस ने सकुशल बरामद किया। इस प्रकरण में कार्रवाई करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, दूसरे मामले में चार माह के अपहृत शिशु को भी सुरक्षित बचाने में सफलता मिली।
इन दोनों मामलों को सम्मेलन में साझा करने का उद्देश्य मानव तस्करी और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों से निपटने के प्रभावी तरीकों, पुलिस की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्व को सामने लाना रहा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 पुलिसकर्मी सम्मानित
सम्मेलन के समापन अवसर पर मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान के जरिए मानव तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने और पीड़ितों को सुरक्षित बचाने में पुलिसकर्मियों के योगदान की सराहना की गई।
सम्मेलन में सामने आए विचारों और अनुभवों के आधार पर मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने, एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने और पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास की व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
मानव तस्करी के खिलाफ आयोजित इस राज्यस्तरीय सम्मेलन को अपराध के इस संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

