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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी राजकीय और निजी संस्थानों में प्रवेश अब एक ही कॉमन प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा। इसके साथ पूरे राज्य में कॉमन काउंसलिंग व्यवस्था भी लागू की जाएगी।

इस संबंध में शासन की ओर से उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सचिव सचिन कुर्वे द्वारा जारी आदेश के अनुसार चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की 6 और 8 मई 2026 को हुई बैठकों में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।

नई व्यवस्था के तहत निजी नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों की सरकारी सीटों को छोड़कर सभी सीटों पर प्रवेश कॉमन एंट्रेंस एग्जाम और केंद्रीकृत काउंसलिंग के माध्यम से किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि सीट आवंटन पूरी तरह पारदर्शी नियमों के तहत होगा और रिक्त सीटों को भरने की प्रक्रिया भी तय मानकों के अनुसार संचालित की जाएगी।

अब तक प्रदेश में दोहरी प्रवेश प्रणाली लागू थी। राज्य कोटा की 50 प्रतिशत सीटों पर विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिले होते थे, जबकि शेष मैनेजमेंट कोटा सीटों पर निजी कॉलेज एसोसिएशन अलग परीक्षा आयोजित करती थी। प्रदेश में 50 से अधिक निजी नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं।

इंडियन नर्सिंग काउंसिल पहले ही सभी दाखिलों को केंद्रीकृत प्रणाली से कराने के निर्देश दे चुकी है। वर्ष 2021 में विश्वविद्यालय ने सभी सीटों पर केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन निजी कॉलेजों के विरोध के चलते पुरानी व्यवस्था जारी रही। अब शासन ने एकीकृत प्रवेश प्रणाली को अंतिम मंजूरी दे दी है।

सरकार के इस फैसले से अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगा और प्रवेश प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और केंद्रीकृत बन सकेगी।

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