समाजसेवी शीलू कुमार सभासद पत्नी सपना कुमारी व अन्य साथियों संग कांग्रेस में शामिल
नैनीताल/हल्द्वानी। उत्तराखंड की नैनीताल विधानसभा से इस वक्त एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नैनीताल क्षेत्र के सियासी समीकरण बदलने के संकेतों के बीच भवाली निवासी समाजसेवी शीलू कुमार ने शुक्रवार, 11 सितंबर को कांग्रेस का दामन थाम लिया।
हल्द्वानी स्थित स्वराज आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने शीलू कुमार को उनके समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराई।
शीलू कुमार के कांग्रेस में शामिल होते ही नैनीताल विधानसभा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में उनके इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और नैनीताल सीट से कांग्रेस टिकट की संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी किसी भी प्रत्याशी के नाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
नैनीताल विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट के लिए अन्य कई नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं। इनमें पीसी गोरखा, मीमांसा आर्य और जिशान्त कुमार सिंकू समेत अन्य संभावित दावेदारों के नाम राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हैं। ऐसे में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में किस चेहरे पर भरोसा जताती है, यह आने वाले समय में साफ होगा।
लगातार सक्रिय रहे हैं शीलू कुमार
पिछले कुछ समय से शीलू कुमार नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। सामाजिक और जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी के साथ-साथ क्षेत्र में उनकी बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक चर्चाओं को भी जन्म दिया है।
विशेष रूप से बेतालघाट क्षेत्र में आयोजित उनकी एक सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बाद शीलू कुमार का नाम राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा में आया था। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य और विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
कांग्रेस के सामने टिकट चयन की चुनौती
अब शीलू कुमार के कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद नैनीताल विधानसभा सीट से पार्टी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। कांग्रेस के सामने एक ओर क्षेत्रीय सक्रियता, जनाधार और संगठनात्मक समीकरणों को साधने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी ओर पार्टी को संभावित दावेदारों के बीच टिकट चयन को लेकर संतुलन भी बनाना होगा।

सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि नैनीताल विधानसभा सीट से कांग्रेस किसे अपना प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारेगी? क्या शीलू कुमार की क्षेत्रीय सक्रियता और समर्थकों के साथ कांग्रेस में एंट्री उनकी दावेदारी को मजबूत करेगी, या पार्टी किसी अन्य चेहरे पर दांव लगाएगी?
इन सभी सवालों के जवाब भले ही अभी भविष्य के गर्भ में हों, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि शीलू कुमार की कांग्रेस में एंट्री के बाद नैनीताल विधानसभा की सियासत और अधिक दिलचस्प हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने और नए समीकरण बनने की संभावना है।
अब सबकी नजर कांग्रेस के अगले राजनीतिक कदम और नैनीताल विधानसभा सीट से संभावित प्रत्याशी के चयन पर टिकी रहेगी।




