लोहाघाट में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, गंभीर घायल शिक्षक हायर सेंटर रेफर; पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की कर रही जांच

लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच नई स्कूटी के इंडिकेटर को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि सरकारी स्कूल में कार्यरत शिक्षिका ने गुस्से में अपने शिक्षक पति पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ, गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घायल शिक्षक को पड़ोसियों की मदद से पहले उप जिला अस्पताल और बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है।

पुलिस के अनुसार लोहाघाट के पाटन क्षेत्र निवासी सुंदर नाथ गोस्वामी और उनकी पत्नी दोनों सरकारी विद्यालयों में शिक्षक हैं। बताया जा रहा है कि दंपती के बीच पहले से ही घरेलू विवाद होते रहते थे। गुरुवार को सुंदर नाथ अपनी पत्नी की हाल ही में खरीदी गई नई स्कूटी लेकर बाजार चले गए। शाम को जब वह घर लौटे तो स्कूटी का इंडिकेटर टूटा हुआ था। इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया। लेकिन रात में एक बार फिर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान शिक्षिका ने रसोई से चाकू उठाकर पति पर हमला कर दिया। चाकू के वार से शिक्षक की गर्दन, पीठ और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। बचाव के दौरान उनके दोनों हाथ भी जख्मी हो गए। घायल शिक्षक के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी फिर मौके पर पहुंचे और उन्हें किसी तरह बचाकर लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचाया।

उप जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि शिक्षक के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

घटना के बाद शिक्षक सुंदर नाथ गोस्वामी ने अपनी पत्नी के खिलाफ धारदार हथियार से हमला करने की तहरीर पुलिस को दी है। वहीं शिक्षिका ने भी पति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

प्रभारी थानाध्यक्ष कुंदन वोहरा ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मामले की जांच एसआई सोनिका को सौंपी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों के अनुसार दंपती का आठ वर्षीय बेटा अपने मामा के घर रहता है।

इस घटना पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के मनोविज्ञानी डॉ. युवराज पंत ने कहा कि आजकल छोटी-छोटी बातों पर आवेश में आकर लोग बड़े फैसले ले लेते हैं।

वैवाहिक जीवन में मतभेद सामान्य हैं, लेकिन संवाद की कमी और बढ़ता गुस्सा रिश्तों को हिंसा की ओर धकेल सकता है।

समय रहते खुलकर बातचीत और आवश्यकता पड़ने पर मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने से ऐसे मामलों से बचा जा सकता है।

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