उत्तराखंड के सरकारी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के एलटी कैडर शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता की वजह से यह स्थिति पैदा हो रही है।
शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने लोक सेवा आयेाग को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी है।

सूत्रों के अनुसार आयोग अपने स्तर पर भर्ती पर निर्णय लेगा। प्रधानाचार्य 692 पदों के लिए फरवरी 2026 में परीक्षा प्रस्तावित है।

मालूम हो कि प्रधानाचार्य भर्ती के लिए आवेदन करने वाले ज्यादातर एलटी शिक्षक आरटीई एक्ट लागू होने से पहले के बैच के हैं। टीईटी की बाध्यता न होने की वजह से उनमें अधिकांश ने टीईटी नहीं की गई है।

बुधवार शाम हिन्दुस्तान से बातचीत में शिक्षा सचिव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले माह जारी आदेश के बाद सभी पहलुओं का अध्ययन किया है। सरकार अन्य राज्यों के समान टीईटी की अनिवार्यता के आदेश पर पुनर्विचार याचिका दायर कर रही है। फिलहाल आयेाग को ताजा स्थिति की जानकारी दे दी गई है।

पिछले साल सितंबर 2024 में सरकार के अनुरोध पर आयोग को परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। इसके बाद सरकार ने नियमावली को संशोधन कर एलटी कैडर शिक्षकों को भर्ती के पात्र कर दिया था। इस बीच पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट का टीईटी से जुड़ा आदेश आ गया है।

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