आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक से छोटे कारोबारियों की आजीविका पर संकट, ललित जोशी ने सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की
हल्द्वानी। आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री ललित जोशी ने हल्द्वानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस आदेश का सीधा असर छोटे उद्योगों, स्थानीय व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है। इससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होने के साथ ही उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
ललित जोशी ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से छोटी दुकानें, घरेलू उद्योग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे लोग अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में इन गतिविधियों पर रोक लगने से सबसे अधिक नुकसान गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे कारोबारियों को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि स्थानीय दुकानदारों और छोटे उद्यमियों के कारोबार पर प्रतिबंध लगता है, तो इसका फायदा बड़ी ऑनलाइन कंपनियों को मिल सकता है। इससे स्थानीय बाजारों की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होने के साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी कम हो सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में तत्काल पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए। उन्होंने कहा कि आदेश पारित होने के एक महीने बाद भी सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। सरकार को प्रभावित व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि रोजगार और आजीविका से जुड़ा यह मुद्दा हजारों परिवारों के भविष्य से संबंधित है। इसलिए सरकार को ऐसा रास्ता निकालने की जरूरत है, जिससे न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के हितों की भी रक्षा की जा सके।
व्यापारियों को साथ लेकर चलाया जाएगा जनजागरण अभियान
ललित जोशी ने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को साथ लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से प्रभावित लोगों की समस्याओं को सामने लाने और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों की आजीविका को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि स्थानीय व्यापार न केवल लोगों को रोजगार देता है, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह इस विषय पर गंभीरता से विचार करे और प्रभावित लोगों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक पहल करे, ताकि आवासीय क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों, उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
ललित जोशी ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाई जाएगी और सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।

