समान कार्य समान वेतन व साल में 365 दिन रोजगार की मांग को लेकर पीआरडी जवानों का प्रदर्शन।
मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन।
लोहाघाट में पीआरडी हित संगठन की बैठक, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन; बोले—मांगें पूरी नहीं हुईं तो 2027 से पहले होगा उग्र आंदोलन
लोहाघाट/चंपावत। प्रदेश के पीआरडी जवानों ने समान कार्य के लिए समान वेतन और वर्ष के 365 दिन रोजगार की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय से अपनी मांगों के पूरा होने का इंतजार कर रहे पीआरडी जवानों ने रविवार को चंपावत जिले के लोहाघाट स्थित युवा भवन में जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन की बैठक आयोजित कर आगामी आंदोलन की रणनीति पर मंथन किया गया।
बैठक का नेतृत्व प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के जिलाध्यक्ष भैरव दत्त जोशी ने किया। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पीआरडी जवान और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान जवानों ने सरकार से उनकी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने की मांग की।
120 दिन देहरादून में किया था आंदोलन
पीआरडी जवानों ने कहा कि वे लंबे समय से समान कार्य-समान वेतन और साल के 365 दिन रोजगार की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर पीआरडी जवानों ने प्रदेश की राजधानी देहरादून में करीब 120 दिन तक आंदोलन भी किया था। उस दौरान युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य की ओर से जवानों को उनकी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था। आश्वासन के बाद पीआरडी जवानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था।
जवानों का कहना है कि मंत्री के आश्वासन के बाद अब करीब पांच से छह महीने का समय बीत चुका है, लेकिन उनकी मांगों को लेकर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पीआरडी जवानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
होमगार्ड के वेतन-भत्ते बढ़े, पीआरडी जवानों की अनदेखी का आरोप
पीआरडी जवानों ने कहा कि सरकार की ओर से होमगार्ड जवानों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी की गई है, लेकिन पीआरडी जवानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे पीआरडी जवानों के साथ सौतेला व्यवहार बताया।
जवानों का कहना है कि वे हर मौसम में दिन-रात अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पीआरडी जवान कंप्यूटर ऑपरेटर, वाहन चालक और सुरक्षा कर्मी सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार तथा समान कार्य के अनुरूप वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
2027 चुनाव से पहले मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
पीआरडी जवानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने से जवानों में भारी नाराजगी है।
जवानों ने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री के जिले और विधानसभा क्षेत्र से आते हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पीआरडी जवानों की आर्थिक और रोजगार संबंधी स्थिति को देखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
बैठक के दौरान पीआरडी जवानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन मुख्यमंत्री प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री से समान कार्य-समान वेतन, वर्षभर रोजगार सहित अन्य लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई।
पीआरडी जवानों ने कहा कि वे सरकार के साथ टकराव नहीं चाहते, लेकिन लगातार उपेक्षा और आश्वासनों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर उनकी मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की।

