नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के लिए गर्व की बात है कि परिसर के पुरातन छात्र एवं भूगोल विषय के विद्वान डॉ. भूपेंद्र सिंह बिष्ट का चयन दून विश्वविद्यालय, देहरादून में भूगोल विभाग के प्रोफेसर पद पर हुआ है। डॉ. बिष्ट ने विश्वविद्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उन्हें भूगोल विभाग का विभागाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है।
डॉ. भूपेंद्र सिंह बिष्ट की इस उपलब्धि पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा), डीएसबी परिसर के शिक्षकों, पुरातन छात्रों एवं एलुमनी सेल से जुड़े शिक्षाविदों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
डॉ. बिष्ट ने अपनी उच्च शिक्षा एवं शोध कार्य के दौरान डीएसबी परिसर के तत्कालीन भूगोल विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पी.सी. तिवारी के निर्देशन में अपनी पीएचडी की उपाधि पूर्ण की। अपने अकादमिक जीवन में उन्होंने शिक्षा, प्रशासनिक प्रशिक्षण, पर्यावरण अध्ययन और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
दून विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने से पूर्व डॉ. बिष्ट ने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। उन्होंने प्रशासनिक अकादमी नैनीताल, गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान, कोसी तथा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहकर कार्य किया।
प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी डॉ. बिष्ट का अनुभव उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने अब तक 2000 से अधिक सिविल सर्वेंट्स को प्रशिक्षण प्रदान किया है। भूगोल, पर्यावरण, प्रशासनिक प्रशिक्षण और अकादमिक शोध के क्षेत्र में उनके अनुभव को व्यापक रूप से सराहा जाता रहा है।
डॉ. बिष्ट का अंतरराष्ट्रीय अकादमिक अनुभव भी काफी समृद्ध रहा है। वे अध्ययन, शोध एवं अकादमिक यात्राओं के सिलसिले में जापान, चीन, नीदरलैंड, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और थाईलैंड सहित कई देशों की यात्राएं कर चुके हैं। इन यात्राओं के दौरान उन्हें विभिन्न देशों की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय चुनौतियों और अकादमिक गतिविधियों को समझने का अवसर मिला।
डॉ. भूपेंद्र सिंह बिष्ट की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कूटा अध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी, डॉ. नीलू लोधियाल, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल जोशी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. शिवांगी, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी और डॉ. अशोक कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
इसके अलावा एलुमनी सेल से जुड़े डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. एस.एस. सामंत, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे, डॉ. रितेश साह और डॉ. गोकुल सत्याल ने भी डॉ. बिष्ट को दून विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं भूगोल विभागाध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
शिक्षकों और पुरातन छात्रों ने कहा कि डॉ. भूपेंद्र सिंह बिष्ट की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक सफर की महत्वपूर्ण सफलता है, बल्कि कुमाऊं विश्वविद्यालय और डीएसबी परिसर के लिए भी गौरव का विषय है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से दून विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

