ब्रेकिंग न्यूज़
जयपुर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रियांशु का शानदार प्रदर्शन, आर्टिस्टिक सोलो ट्रेडिशनल इवेंट में हासिल किया प्रथम स्थाननैनीताल : कुमाऊं विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट को भारत गौरव पुरस्कार 2026 मिलने पर कूटा ने दी बधाईनैनीताल : डीएसबी परिसर में छात्र राजनीति के बीच मानवता की मिसाल, गंभीर मरीज के लिए छात्र नेता ने किया रक्तदानपिथौरागढ़ में तीसरे दिन भी बारिश का कहर: चीन सीमा से संपर्क चौथे दिन भी कटा, कई प्रमुख सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्तदर्दनाक सड़क हादसा: ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

अंधविश्वास के चलते 2 बेटियों की हत्या करने वाले आरोपी पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आरोपी पिता बोला, घर में झाड़-फूंक, चिरागी और उतारा तक किया, पर बेटियों की जान चली गई

काशीपुर। अंधविश्वास के चलते अपनी 2 बेटियों की हत्या करने के आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस पूछताछ में भी उसने वही रटी रटाई कहानी दोहराई। अली हसन अब भी खुद को कसूरवार नहीं मान रहा है। एसएसपी का कहना है कि अशिक्षा, अंधविश्वास और काला जादू में लिप्त रहने के चलते उसने यह भयावह कदम उठाया है।

25 नवंबर को पुलिस ने पूर्व पार्षद अब्दुल कादिर की सूचना पर लक्ष्मीपुरपट्टी की खालिक कॉलोनी में अली हसन उर्फ सूरज के मकान से फरीन (19) और उसकी बहन यासमीन (11) के शव बरामद किए थे। दोनों शवों से तीव्र दुर्गंध आ रही थी।

पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके बदन पर डंडे से पिटाई के निशान और शरीर को जगह-जगह से दागे जाने के निशान पाए गए। उन्हें कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखे जाने की बात भी सामने आई है।

एसएसपी ने की अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक रहने की अपील

सोमवार को एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने केस का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दोनों बेटियों की हत्या उनके पिता ने ही की है। आरोपी पिता को विश्वास में लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अंधविश्वास के चलते बेटों को छुआ तक नहीं और बेटियों की ले ली जान।

घर में जिन्नात होने का हवाला देते हुए अली हसन ने दो बेटियों की जान तो ले ली. पर उसने तीनों बेटों के साथ कुछ नहीं किया। अलवता उसकी पत्नी और तीनों बेटे भी अंधविश्वास में उसका साथ देते रहे।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने इसे लेकर सवाल किया तो अली हसन का कहना था कि जिन्न पूरे परिवार को सता रहा था। जिन्न ने उसके एक बेटे की आंख पर चोट पहुंचाई और दूसरे बेटे के हाथ की दो अंगुलियां चबा लीं।

वारदात को अंजाम देने के बाद भी अली हसन अपने बेटों की सुरक्षा को लेकर इस कदर चिंतित था, कि उन्हें घर से दूर मोहल्ला कटोराताल स्थित मजार पर सुलाने के लिए ले गया। इतना ही नहीं, बेटों को कहीं ओर छोड़कर वह अकेला ही बाइक लेकर घर पहुंचा।

इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में आरोपी पिता अली हसन उर्फ सूरज ने बताया कि दोनों बेटियों के ऊपर से जिन्न भगाने के लिए उसने उन्हें यातनाएं दीं।

उसने अपने घर में झाड़-फूंक और चिरागी की और उत्तारा तक किया, लेकिन फिर भी बेटियों की जान चली गई। एसएसपी अली हसन ने बेटियों को इस कदर यातनाएं दीं कि जिन्न निकालने के फेर में उनकी जान निकल गई।

अंधविश्वास और अशिक्षा के कारण हुई वारदात

एसएसपी का कहना है कि विज्ञान के युग में ऐसे अंधविश्वास और अशिक्षा के कारण है। पूरा परिवार मनोवैज्ञानिक तौर से अस्वस्थ है। हुसैन जहां, फरमान, रिजवान, अरमान और पुत्री की मानसिक स्थिति सही नहीं होने के कारण उनका मानसिक उपचार कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें :  आज का राशिफल : 3 सितंबर 2026

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.