नैनीताल प्राणी उद्यान में इंडिया को कार्यालय में लगी आग फायर ब्रिगेड की टीम में मौके पहुंचकर आग में पाया काबू

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

सुबह बिजली आने के बाद शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, डीएफओ आकाश गंगवार का कार्यालय बाल-बाल बचा; जले दस्तावेजों की जांच के बाद नुकसान का होगा आकलन

नैनीताल। नैनीताल वन्यजीव प्राणी उद्यान परिसर में गुरुवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब जू के ऊपर स्थित प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से कार्यालय में रखी कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर राख हो गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि आग के वास्तविक कारणों और इससे हुए नुकसान का विस्तृत आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात नैनीताल में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। मौसम खराब होने के कारण कार्यालय बंद किए जाने के समय बिजली की आपूर्ति नहीं थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार सुबह बिजली आने के बाद किसी स्थान पर शॉर्ट सर्किट हुआ और आसपास रखे कागज अथवा लकड़ी के सामान ने आग पकड़ ली। धीरे-धीरे आग ने कार्यालय में रखी फाइलों को अपनी चपेट में ले लिया।

आग लगने की घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया गया। हालांकि आग ने कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को काफी नुकसान पहुंचाया है। राहत की बात यह रही कि

आग ज्यादा फैल नहीं सकी और डीएफओ आकाश गंगवार का कार्यालय बाल-बाल बच गया। कार्यालय भवन को भी अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

अकाउंट, लैंड ट्रांसफर और स्थापना से जुड़ी थीं फाइलें

डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि जिस कार्यालय में आग लगी है, वहां मुख्य रूप से अकाउंट, लैंड ट्रांसफर, स्टैब्लिशमेंट सहित अन्य विभागीय कार्यों से संबंधित फाइलें और दस्तावेज रखे हुए थे। आग से कितनी फाइलें पूरी तरह नष्ट हुई हैं और कितने दस्तावेज प्रभावित हुए हैं, इसकी वास्तविक जानकारी कार्यालय में रखी सामग्री की जांच करने के बाद ही सामने आएगी।

उन्होंने बताया कि राहत की बात यह है कि आग से प्रभावित दस्तावेजों में से संबंधित रिकॉर्ड का काफी हिस्सा नैनीताल और देहरादून स्थित वन विभाग के कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध है। इससे आवश्यक दस्तावेजों और रिकॉर्ड को दोबारा प्राप्त करने में विभाग को मदद मिल सकेगी।

पास में ही हैं अन्य महत्वपूर्ण वन विभाग के कार्यालय

जिस कार्यालय में आग लगी, उसके समीप ही उप निदेशक प्राणी उद्यान/उप प्रभागीय वनाधिकारी का कार्यालय भी स्थित है। आग के अधिक फैलने की स्थिति में इन कार्यालयों को भी नुकसान पहुंच सकता था, लेकिन समय रहते स्थिति नियंत्रित होने से बड़ा नुकसान टल गया।

फिलहाल विभाग द्वारा जली हुई फाइलों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आग किन परिस्थितियों में लगी, कितनी फाइलें प्रभावित हुईं और विभागीय रिकॉर्ड को कितना नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

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