रुद्रपुर में चोरी का माल बरामद कर छोड़ दिए आरोपी! आबकारी विभाग के चार कर्मचारी गिरफ्तार
शिमला से नेपाल भाग रहे थे चोर, रुद्रपुर में पकड़ा माल; अब चार आबकारी कर्मचारी गिरफ्तार
सीसीटीवी ने खोला राज: चोरी के जेवरात-नकदी खुर्द-बुर्द करने के आरोप में 4 आबकारी कर्मी गिरफ्तार
रुद्रपुर। हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले से सामने आया घटनाक्रम पूरे आबकारी विभाग में हड़कंप मचा रहा है। शिमला पुलिस ने चोरी के आरोपियों से बरामद कथित जेवरात और नकदी को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने के बजाय खुर्द-बुर्द करने के आरोप में रुद्रपुर के आबकारी विभाग से जुड़े चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में एक आबकारी दरोगा, एक कांस्टेबल, एक उपनल कर्मी और एक पीआरडी जवान शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, 7 सितंबर को शिमला में एक घर में लाखों रुपये की चोरी हुई थी। मकान मालिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि नेपाल मूल की एक घरेलू सहायिका अपने तीन साथियों के साथ घर से सोने और हीरे के आभूषण, चांदी के सिक्के, करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और 12 महंगी कलाई घड़ियां लेकर फरार हो गई।
नेपाल भागने की कोशिश में रुद्रपुर पहुंचे थे आरोपी
शिमला पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने आया कि चोरी के आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर रहे हैं और उत्तराखंड के रास्ते आगे बढ़ रहे हैं। इसी दौरान 8 सितंबर की सुबह आरोपी रुद्रपुर बॉर्डर क्षेत्र में पहुंचे, जहां आबकारी विभाग की टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान टीम ने एक टैक्सी को रोककर उसमें सवार युवक-युवती की तलाशी ली। तलाशी में उनके पास से चोरी से संबंधित बताए जा रहे लाखों रुपये के आभूषण और नकदी बरामद हुई।
बरामद माल सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करने का आरोप
आरोप है कि आबकारी विभाग के दरोगा देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम ने बरामद जेवरात और नकदी को नियमानुसार दर्ज करने के बजाय कथित तौर पर आपस में बांट लिया। इसके बाद आरोपियों को भी मौके से छोड़ दिया गया।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी तब सामने आई, जब चोरी के आरोपी नेपाल पहुंचने के बाद अपने संपर्क में मौजूद व्यक्ति को फोन कर कथित तौर पर बताया कि उनका चोरी का माल रुद्रपुर में पकड़ा गया है।
फोन कॉल से खुली आबकारी कर्मचारियों की भूमिका की परत
चोरों की बातचीत की जानकारी शिमला पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच आगे बढ़ाई और रुद्रपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से शिमला पुलिस ने उस क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जहां आबकारी विभाग की टीम वाहनों की जांच कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे फुटेज मिले, जिनमें कथित तौर पर आबकारी कर्मचारियों द्वारा बरामद सामान अपने कब्जे में लेते हुए दिखाई देने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने चारों कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
चारों को हिमाचल ले गई शिमला पुलिस
गिरफ्तारी के बाद शिमला पुलिस चारों आरोपियों को अपने साथ हिमाचल प्रदेश ले गई है। वहां उनसे चोरी के माल की बरामदगी, घटनाक्रम में उनकी कथित भूमिका और अन्य संबंधित बिंदुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई हिमाचल पुलिस द्वारा की जा रही है।
ऊधम सिंह नगर प्रशासन ने किया निलंबित
मामला सामने आने के बाद ऊधम सिंह नगर प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस घटनाक्रम ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और चेकिंग के दौरान बरामद सामान के रखरखाव तथा रिकॉर्डिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।





































