उत्तराखंड के सरकारी स्कूल की हालत पूरे देश में बदहाली की दे रहे हैं मिशाल

कुंभकरण नींद में सोया शिक्षा विभाग, शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार 

नैनीताल। आपको सुनने और देखने में अच्छा लगता है लेकिन नैनीताल जिले के ब्लॉकों में जाकर देखें प्राथमिक विद्यालयों की हालत।पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल

स्कूल भवन दम तोड़ रहे हैं खंडर हो चुके हैं । सुविधा के अभाव में बच्चे और अभिभावक अपना माथा टेकने को मजबूर हैं।पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल

देश के लाल किले से सुनने में अच्छा लगता है की हम 21वी सदी के भारत में साइंस और टेक्नोलॉजी में सबसे आगे चल रहे हैं, लेकिन अपने अंदर झांकते हैं तो शर्म से सिर झुक जाता है।पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल

बच्चों का भविष्य अंधकार में है और गांव छोड़कर महानगरों की तरह पलायन कर रहे हैं इसका पूरा का पूरा सुविधाओं का अभाव होना ही है।

भागवत बिष्ट (समाजसेवी) 

झड़गांव तल्ला,ओखलकांडा, नैनीतालपहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल पहाड़ों में सरकारी स्कूल बने खंडहर, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर नोनीहाल

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