नैनीताल। श्री राम सेवक सभा द्वारा उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था का प्रतीक 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव का शुभारंभ 16 सितंबर 2026 को किया जाएगा। महोत्सव को लेकर सभा भवन से लेकर मेला क्षेत्र तक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में महोत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
श्री राम सेवक सभा के अनुसार 16 सितंबर को अपराह्न 2 बजे सभा भवन में महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। परंपरा के अनुरूप उद्घाटन अवसर पर कदली दल को लाल एवं सफेद ध्वज प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद कदली दल को कदली वृक्ष लाने के लिए मंगोली के लिए रवाना किया जाएगा। इसी के साथ 124वें नंदा देवी महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ होगा।
सभा के अध्यक्ष मनोज साह एवं महासचिव जगदीश बावरी ने श्रद्धालुओं, नगरवासियों और संस्कृति प्रेमियों से महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उत्सव है।
17 सितंबर को तल्लीताल से शुरू होगा कदली वृक्ष का नगर भ्रमण
महोत्सव की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के तहत 17 सितंबर को अपराह्न 2:30 बजे तल्लीताल स्थित वैष्णवी देवी मंदिर से कदली वृक्ष का नगर भ्रमण शुरू होगा। कदली वृक्ष की शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
कदली वृक्ष के नगर भ्रमण को नंदा देवी महोत्सव की विशिष्ट लोक परंपराओं में गिना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी शोभायात्रा में शामिल होकर मां नंदा-सुनंदा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक रंगों की भी झलक देखने को मिलेगी।
मेला क्षेत्र में सजने लगीं दुकानें, झूले बने आकर्षण
नंदा देवी महोत्सव को लेकर मेला क्षेत्र में भी रौनक बढ़ने लगी है। विभिन्न स्थानों पर दुकानें सजने लगी हैं और झूलों की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मेले में पहुंचने वाले लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के खान-पान, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, सजावटी सामान और अन्य सामग्री की दुकानें आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।
मेला क्षेत्र में लगे झूले भी बच्चों और युवाओं के बीच कौतूहल का विषय बने हुए हैं। महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ मेले की रौनक नैनीताल आने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी आकर्षित करती है।
श्री नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने वाला प्रमुख आयोजन है। 124वें महोत्सव के शुभारंभ के साथ नैनीताल में अगले कई दिनों तक भक्ति और संस्कृति का उल्लास देखने को मिलेगा।







