हल्द्वानी। सुबह मां ने बेटे के लिए नाश्ता बनाया। फिर दोस्तों के साथ बेटे ने हंसी-खुशी मोबाइल पर गेम खेला। लेकिन किसे पता था कि 16 साल के किशोर के मन में क्या है।

थोड़ी देर बाद ही दोस्तों और मां को सूचना मिली कि बेटे ने सल्फास खा लिया है। देर रात एसटीएच में बेटे ने दम तोड़ दिया। गुरुवार की सुबह हल्द्वानी मोर्चरी में विक्रम का पोस्टमार्टम किया गया।

स्वजन के अनुसार मूल रूप से बागेश्वर के समा गांव निवासी परिवार वर्षों पूर्व बिंदुखत्ता रहने आ गया था। पिता पहले घर के पास ही पर्च्यून की दुकान चलाते थे।

कुछ समय पहले ही वह दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करने चले गए थे। यहां उनकी पत्नी एक निजी स्कूल में स्टाफ वर्क का कार्य करती हैं। इसी स्कूल में उनका बेटा (16) 11वीं कक्षा में पढ़ाई करता है।

बुधवार की सुबह मां बच्चों के लिए नाश्ता बना कर स्कूल चली गई। बेटा और उसकी 14 वर्ष की छोटी बहन ने नाश्ता किया। इसके बाद बेटा दोस्तों के साथ घर के पास ही मोबाइल पर गेम खेलने चले गया।

गेम खेलने के बाद जब वह घर के कमरे में आया उसने सल्फास खा लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह उल्टी करने लगा।

छोटी बहन ने मां को भाई की तबियत बिगड़ने की सूचना दी। इसके बाद आनन फानन में स्वजन ने बेटे को हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

जहां चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। फिर विक्रम को डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार की शाम 6.50 पर भर्ती कराया। जहां उसका उपचार चला। देर रात 11.45 पर उसकी मौत हो गई।

गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे स्वजन ने बताया कि बेटा पढ़ाई में काफी अच्छा था। उसने जहरीला विषाक्त पदार्थ क्यों खाया इसका किसी को अंदाजा नहीं है। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

मेडिकल चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह मेहता ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।

किशोर ने आखिर क्यों जहर खाया? इसकी परिवार वालों से पूछताछ करके जांच की जा रही है।

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