नैनीताल में धूमधाम से शुरू हुआ दुर्गा महोत्सव, कलश यात्रा से भक्तिमय हुई सरोवर नगरी

नयना देवी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, नौ जलधाराओं से एकत्रित जल से होगी मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा; स्कूली बच्चों की रंगारंग झांकियों और कुमाऊंनी परिधानों में सजी महिलाओं ने बढ़ाई शोभा

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में शुक्रवार को मां दुर्गा की आराधना का पर्व दुर्गा महोत्सव धूमधाम और धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हो गया। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर नयना देवी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भाग लिया। मां दुर्गा के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा और नैनीताल का वातावरण भक्तिमय हो गया।

कलश यात्रा नयना देवी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान महिलाओं ने नगर की अलग-अलग जलधाराओं से नौ घड़ों में जल एकत्रित किया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इन जलधाराओं से एकत्रित किए गए जल से शुक्रवार शाम मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद दुर्गा पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।

महोत्सव के शुभारंभ पर स्कूली बच्चों ने रंग-बिरंगी और आकर्षक झांकियां निकालीं। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक छटा देखने को मिली। वहीं, कुमाऊंनी पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने कलश यात्रा में शामिल होकर स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

65 वर्षों से चली आ रही है दुर्गा महोत्सव की परंपरा

नैनीताल में दुर्गा महोत्सव का आयोजन पिछले 65 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। यह महोत्सव नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दुर्गा पंडाल में होने वाले विशेष अनुष्ठान, धुनुची पूजा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करती हैं।

दुर्गा महोत्सव के दौरान नैनीताल का माहौल पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा की परंपराओं की याद दिलाता है। इसी कारण इन दिनों सरोवर नगरी को मिनी बंगाल के रूप में भी देखा जाता है। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की भी बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का संगम

दुर्गा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को जोड़ने का माध्यम भी है। कलश यात्रा में महिलाओं की भागीदारी, पारंपरिक कुमाऊंनी वेशभूषा और स्कूली बच्चों की रंगारंग झांकियों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे नगर में मां दुर्गा की भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

दुर्गा महोत्सव के सचिव त्रिभुवन फर्त्याल ने आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा की। वहीं, श्रद्धालु मंजू रौतेला ने भी महोत्सव के प्रति अपनी आस्था और उत्साह व्यक्त किया।

आने वाले दिनों में नैनीताल में धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। दशहरे के अवसर पर महोत्सव का समापन होगा। तब तक सरोवर नगरी मां दुर्गा की भक्ति, जयकारों और उत्सव के रंगों में सराबोर रहेगी।

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