उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले के बुधलाकोट ग्रामसभा में क्षेत्र से बाहरी लोगों का नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में शामिल करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले के बुधलाकोट ग्रामसभा में क्षेत्र से बाहरी लोगों का नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में शामिल करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।

    मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश जी.नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खण्डपीठ ने 28 जुलाई को राज्य चुनाव आयुक्त और मुख्य सचिव को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है। 

     मामले के आज सुनवाई के दौरान एडीएम विवेक राय और एस.डी.एम. कैंची मौजूद रही।

     मामले के अनुसार बुधलाकोट निवासी आकाश बोरा ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उनके ग्राम की वोटर लिस्ट में 82 वोटर क्षेत्र से बाहरी लोगों के नाम सामील किये गए है।

जिनमे अधिकतर लोग उड़ीसा राज्य व अन्य जगह के है। जब इसकी शिकायत उनके द्वारा एसडीएम महोदय से की गई तो उनके द्वारा इसमे एक जांच कमेटी गठित की गई।

जाँच कमेटी ने वोटर लिस्ट का अवलोकन कर के पाया कि इसमे से 18 लोग बाहर के है। लेकिन अंतिम लिस्ट जारी होने के बाद भी चिन्हित 18 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से नही हटाये गए।

जनहित याचिका दायर करने के बाद उनके द्वारा ऐसे ही 30 अन्य की लिस्ट भी कोर्ट में पेश की गई। शिकायत करने के बाद भी जिसपर कोई कार्यवाही नही की गई।

हुई सुनवाई के बाद आयोग की तरफ से कहा गया कि कुछ लोगो को चिन्हित किया गया है। वोटर लिस्ट बनाते वक्त बीएलओ के द्वारा घर घर जाकर वोटरों को चिन्हित किया।

उसी के आधार पर वोटर लिस्ट बनाई। लेकिन कोर्ट ने आयोग से पूछा कि जब वोटर लिस्ट बनाई गई क्या वोटरों का उस वक्त आधार कार्ड वोटर आईडी या राशन कार्ड या स्थायी निवास से सम्बंधित दस्तावेजों की जाँच की ।

अगर की है तो उसका रिकार्ड प्रस्तुत करें। या ओरली तौर पर नाम बताए जाने के आधार पर उनका नाम वोटर लिस्ट में सामील कर दिया।

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