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उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन बागेश्वर के द्वारा खनन  धनराशि का दुरपयोग किये जाने के मामले पर की सुनवाई 

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने प्रदेश में खनन के पट्टों पर दी जाने वाली खनन न्याश की धनराशि का जिला प्रसाशन बागेश्वर के द्वारा दुष्प्रयोग किये जाने के मामले पर सुनवाई की।

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश में जिस संस्था ने इस क्षेत्र में बढ़िया कार्य किया है उनकी भी लिस्ट दें।

आज मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रितु बाहरी व न्यामूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ में हुई। मामले के अनुसार बागेश्वर निवासी गोपाल वनवासी ने जनहीत याचिका दायर कर कहा है कि बगेश्वसर में करीब 109 खनन कारोबारी हैं।

जो प्रत्येक वर्ष अपने खनन पट्टटों से खनन के दौरान पर्यवारण व अन्य को होने वाले नुकसान की क्षति की भरपाई के लिए राज्य सरकार को भुगतान करते है । परन्तु राज्य सरकार के द्वारा इस धनराशि का उपयोग उनके द्वारा खनन के दौरान हुए पर्यवारण क्षती में उपयोग नही किया जा रहा रहा है।

बल्कि जिला अधिकारी के द्वारा इस धन का उपयोग अपने ऑफिस का नव निर्माण व अन्य कर्यो में किया जा रहा है। जो कि केंद्र सरकार के नियमावली के विरुद्ध है।

केंद्र ने अपनी नियमावली में लिखा है कि खनन के कार्यो में जो नुकसान होता है उसकी भरपाई खनन से ही हो। न कि कोई अन्य मद से।

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