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बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की अहम सुनवाई, फैसले से पहले हाई अलर्ट; हजारों परिवारों की निगाहें शीर्ष अदालत पर

हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज, 9 सितंबर 2026, सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

इलाके में अतिरिक्त पुलिस और पीएसी बल की तैनाती के साथ संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। �

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यह मामला हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के आसपास गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और इंदिरानगर क्षेत्र में रेलवे की जमीन से जुड़े विवाद का है। रेलवे की ओर से करीब 30.65 हेक्टेयर भूमि को रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रभावित लोगों के पुनर्वास, रेलवे भूमि के दावे और परियोजना की जरूरत समेत कई महत्वपूर्ण पहलू विचाराधीन रहे हैं। 

50 हजार से अधिक लोगों पर असर की आशंका

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक विवादित क्षेत्र में हजारों परिवार और करीब 50 हजार लोग रहते हैं। क्षेत्र में सरकारी व निजी स्कूलों, धार्मिक स्थलों और स्वास्थ्य केंद्र जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी मौजूद हैं। ऐसे में किसी भी संभावित कार्रवाई का असर केवल मकानों तक सीमित न रहकर बड़ी आबादी पर पड़ सकता है। �

मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रेलवे की जमीन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई कर चुका है। फरवरी 2026 के आदेश में अदालत के समक्ष रेलवे ने 30.65 हेक्टेयर भूमि को हल्द्वानी परियोजना के लिए आवश्यक बताया था। वहीं, प्रभावित पक्षों की ओर से रेलवे के भूमि अधिकार, बेदखली की प्रक्रिया और पुनर्वास को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं। �

फैसले से पहले बनभूलपुरा में कड़ा सुरक्षा घेरा

सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई को देखते हुए प्रशासन किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। पुलिस बल को अलग-अलग सेक्टर और जोन में तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च, ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति और संयम बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। �

पुलिस-प्रशासन की तैयारियों से साफ है कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद आने वाले किसी भी आदेश के दौरान कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर

बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में है। आज की सुनवाई में अदालत की ओर से क्या निर्देश सामने आते हैं, यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्या रेलवे परियोजना के लिए चिन्हित जमीन से अतिक्रमण हटाने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा? प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर क्या व्यवस्था होगी? और क्या अदालत कोई नई समयसीमा या शर्त तय करेगी? इन सवालों के जवाब पर हजारों प्रभावित परिवारों के साथ पूरे हल्द्वानी की निगाहें टिकी हैं।

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके बाद आने वाले आदेश को लेकर बनभूलपुरा में तनावपूर्ण लेकिन प्रशासनिक तौर पर कड़ी निगरानी वाली स्थिति बनी हुई है।

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