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नैनीताल। पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही नैनीताल में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। देशभर से पहुंचे पर्यटकों के चलते शहर में ईंधन की मांग अचानक बढ़ गई है।

ऐसे में शहर में पेट्रोल-डीजल की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) ने अस्थायी राशनिंग व्यवस्था लागू कर दी है।

नई व्यवस्था के तहत सूखाताल स्थित KMVN पेट्रोल पंप पर अब दोपहिया वाहनों को अधिकतम 500 रुपये और चारपहिया वाहनों को अधिकतम 1000 रुपये तक का ही पेट्रोल या डीजल दिया जा रहा है। निगम का कहना है कि यह फैसला बढ़ती भीड़ के बीच ईंधन वितरण को संतुलित बनाए रखने और किसी भी संभावित अव्यवस्था से बचने के लिए लिया गया है।

हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नैनीताल में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। यह कदम केवल प्रबंधन को बेहतर बनाने और सभी वाहनों तक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि तय सीमा से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। शहर के भीतर रोजमर्रा के उपयोग के लिए यह मात्रा पर्याप्त है। वहीं टैक्सी चालकों का कहना है कि लंबी दूरी या बाहरी रूटों पर जाने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले अन्य पेट्रोल पंपों से आसानी से ईंधन मिल जाता है।

स्थानीय चालक दीपक ने बताया कि शहर में संचालन के लिए तय लिमिट पर्याप्त है। यदि पर्यटकों को लेकर बाहर जाना होता है तो दूसरे पंपों से जरूरत के अनुसार पेट्रोल-डीजल मिल जाता है, इसलिए कामकाज प्रभावित नहीं हो रहा।

KMVN के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर ने बताया कि पंप पर ईंधन की सप्लाई पूरी तरह पर्याप्त है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की भारी आमद और अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू की गई है, ताकि सभी को जरूरत के मुताबिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सके और व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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