नैनीताल की रामलीला में 43 वर्षों से मेघनाद का किरदार निभा रहे मिथिलेश पांडे, दमदार अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल

स्व. अभिनेता निर्मल पांडे के भाई मिथिलेश पांडे: 53 सालों से राम सेवक सभा की सेवा कर रहे है 43 साल से मेघनाथ का रोल कर रहे हैं मिथिलेश पांडे 

रामलीला के नौवें दिन रावण-मेघनाद संवाद ने बांधा समां, देर रात तक दर्शकों से खचाखच भरा रहा श्री राम सेवक सभा का प्रांगण

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल की ऐतिहासिक रामलीला में कलाकारों का अभिनय और उनकी वर्षों की साधना मंचन को विशेष पहचान देती है। श्री राम सेवक सभा की रामलीला में पिछले 53 वर्षों से अपना अमूल्य योगदान दे रहे मिथिलेश पांडे भी ऐसे ही समर्पित कलाकारों में शामिल हैं। प्रसिद्ध अभिनेता स्वर्गीय निर्मल पांडे के भाई मिथिलेश पांडे पिछले 43 वर्षों से लगातार मेघनाद के किरदार का मंचन कर रहे हैं। अपने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और पात्र के प्रति समर्पण से उन्होंने मेघनाद के किरदार को जीवंत बना दिया है।

मिथिलेश पांडे का रामलीला से जुड़ाव केवल अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नई पीढ़ी को भी अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं। उनके अभिनय को देखकर बच्चे उत्साहपूर्वक संवाद बोलने, भाव-भंगिमाओं और मंच पर पात्र को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के गुर सीखते हैं। उनका यह प्रयास रामलीला की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने और युवा कलाकारों को मंच से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

रामलीला के नौवें दिन रावण-मेघनाद संवाद ने मोहा मन

श्री राम सेवक सभा की ओर से आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के नौवें दिन रावण और मेघनाद के बीच हुए प्रभावशाली संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से ऐसा वातावरण बनाया कि दर्शक देर रात तक रामलीला देखने के लिए डटे रहे।

इस दौरान श्री राम सेवक सभा का प्रांगण दर्शकों से खचाखच भरा रहा। राम-रावण युद्ध के प्रसंग और रावण-मेघनाद संवाद को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कलाकारों के प्रत्येक प्रभावशाली संवाद पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। मंच पर प्रस्तुत युद्ध के दृश्यों और पात्रों के भावपूर्ण अभिनय ने रामलीला के रोमांच को और बढ़ा दिया।

दशकों की साधना से जीवंत हो रही रामलीला की परंपरा

नैनीताल की रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। वर्षों से इससे जुड़े कलाकार अपनी मेहनत, लगन और अभिनय के माध्यम से इस परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं। मिथिलेश पांडे का 43 वर्षों तक मेघनाद की भूमिका निभाना उनके अभिनय के प्रति समर्पण और रामलीला के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाता है।

वहीं, नई पीढ़ी को अभिनय का प्रशिक्षण देकर वह इस सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। रामलीला के नौवें दिन दर्शकों की भारी उपस्थिति और कलाकारों के प्रति उनका उत्साह इस बात का प्रमाण रहा कि नैनीताल की ऐतिहासिक रामलीला आज भी लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखती है।

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