ज्योलीकोट व सरियाताल में जलजनित बीमारी का प्रकोप: पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने आगे आईं विधायक सरिता आर्या

नैनीताल। ज्योलीकोट एवं सरियाताल क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण डायरिया और पीलिया फैलने तथा दो लोगों की मौत के बाद क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या ने राहत और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं।

विधायक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों और उपचाराधीन ग्रामीणों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

विधायक सरिता आर्या ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक स्व. रितेश जीना और स्व. नीमा जोशी के परिवारों के प्रति शोक जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से दोनों शोक संतप्त परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया।

इसके साथ ही विभिन्न अस्पतालों में उपचार करा रहे प्रभावित ग्रामीणों को बेहतर इलाज और देखभाल के लिए 50-50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।

विधायक ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना सरकार और जनप्रतिनिधियों का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता किसी पर अहसान नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को भरोसा और संबल देने की जिम्मेदारी है। उन्होंने शासन से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।

9 से 15 सितंबर तक लगेंगे निःशुल्क मल्टीस्पेशलिटी चिकित्सा शिविर

प्रभावित ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विधायक की पहल और शासन के निर्देशों पर हल्द्वानी के प्रमुख निजी अस्पतालों के सहयोग से 9 से 15 सितंबर तक निःशुल्क मल्टीस्पेशलिटी चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इन शिविरों में नीलकंठ, उजाला सिग्नस, साई, सिटी और चंदन सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें प्रभावित क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी। शिविरों में आवश्यक लैब टेस्ट, स्वास्थ्य परीक्षण और दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी।

घर-घर स्क्रीनिंग और पेयजल स्रोतों के शुद्धीकरण पर जोर

विधायक ने स्वास्थ्य विभाग और पेयजल निगम को प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में घर-घर जाकर मरीजों की स्क्रीनिंग करने, संदिग्ध मरीजों की तत्काल पहचान कर उपचार उपलब्ध कराने तथा पेयजल स्रोतों की जांच और शुद्धिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि बीमारी से प्रभावित लोगों को उपचार के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

‘जनस्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’ : सरिता आर्या

विधायक सरिता आर्या ने कहा कि क्षेत्रवासियों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रभावित नागरिकों के साथ संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी चिकित्सा तंत्र के समन्वय से प्रभावित लोगों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बीमारी के प्रकोप को नियंत्रित करने के साथ-साथ दूषित पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी संबंधित विभागों को गंभीरता से काम करना होगा।

प्रभावित परिवारों को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।

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